जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में लगा शीशम का पेड़ रविवार सुबह काफी भयावह तस्वीर पेश करने लगा। पेड़ के पास जो भी गया वह सहम गया। इसके सहारे गांव के ही एक नाबालिग प्रेमी जोड़े ने एक साथ फांसी लगाकर जान दे दी थे। दोनों अलग अलग संप्रदाय से थे।
रविवार को सुबह घर से दूर कब्रिस्तान के पास शीशम के पेड़ की डाल के सहारे एक ही साड़ी के फंदे से दोनों का शव लटकता मिला तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नाबालिग प्रेमी युगल की आत्महत्या की घटना से समूचा क्षेत्र सकते में है ।
दो दिलों के बीच मजहब की दीवार आड़े आ गई। जिसके चलते दोनों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। ग्रामीणों की मानें तो किशोर का परिवार इस बात पर अड़ा था कि एक अन्य मजहब के घर की लड़की उनके घर में हरगिज नहीं आ सकती। ऐसा हुआ तो आने वाली पीढ़ी के शादी विवाह में अपनी विरादरी के लोग इसे स्वीकार नहीं करेगे ।
थाना क्षेत्र के एक गांव के कक्षा 11 के छात्र को पड़ोस के दूसरे संप्रदाय के एक व्यक्ति की 14 वर्षीय बेटी से प्यार हो गया। किशोरी भी उसी कॉलेज में कक्षा नौ की छात्रा थी। स्कूल के रास्ते में एक दूसरे से मिलते जुलते दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा।
परिजनों ने इसका विरोध किया तो तीन माह पूर्व दोनों घर से भाग गए थे। एक पखवारे तक दोनों नासिक में रहे । किशोरी के पिता ने स्थानीय थाने में तहरीर भी दी थी । किशोर का बड़ा भाई नासिक से समझा बुझाकर दोनों को वापस घर लाया ।
उसने बताया कि किशोर ने सप्ताह भर पहले मां से 25 हजार रुपये मांगे थे। रुपया न मिलने पर वह भाई की ससुराल मडियाहूं के एक गांव चला गया। किशोर के चले जाने पर किशोरी परेशान रहने लगी। किशोरी के पिता के अनुसार, शनिवार की रात वह परिवार के साथ भोजन करके लगभग 9.30 बजे सो गया। किशोरी भी माँ के साथ बगल वाली चारपाई पर सोई थी ।
सवेरे आँख खुली तो किशोरी बिस्तर पर नहीं थी। वह परिवार वालों से जानकारी ले ही रहा था कि सूचना मिली कि नहर के पास शीशम के पेड़ से दोनों के शव लटक रहे हैं । किशोर की वृद्ध मां बेटे के फैसले से टूट गयीं है । वह उसकी चर्चा करने पर फफक पड़ी । जबकि उधर किशोरी की मां उसके कपड़ो को देख कर सिसकती रही।