देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कटौली खुर्द गांव में शुक्रवार को दलित की लाश गांव के कब्रिस्तान में दफनाने को लेकर दलित और समुदाय विशेष के बीच विवाद हो गया। इसमें समुदाय विशेष के लोगों ने दलितों पर हमला बोल दिया।
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लाठी-डंडा के हमले और पथराव में दलित वर्ग के 36 लोग घायल हो गए। इसमें 16 को अधिक चोटें आईं। घायलों में महिला, पुरुष और बच्चे सभी शामिल हैं। इसके बाद गांव में तनाव हो गया। सूचना पर एसडीएम लालगंज, सीओ लालगंज, चार थानों की फोर्स पहुंची।
मौके पर पीएसी तैनात कर दी गई। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कटौली खुर्द गांव निवासी नगई राम (112) की बुधवार की दोपहर मौत हो गई थी।
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गुरुवार को परिवार के लोगों ने शव देर शाम घर से करीब 50 मीटर दूर दलित कब्रिस्तान में दफना दिया। कब्रिस्तान से सटा गांव के अलाऊ का खेत है। इसलिए शव दफनाने से पहले लोगों ने उसे इसकी सूचना देकर मौके पर देखने की बात कही थी, लेकिन वह नहीं आया।
शुक्रवार को दलित पक्ष के लोग कब्र को पक्का करा रहे थे। इसी बीच अलाऊ के पक्ष के लोग पहुंचे और जमीन अलाऊ की बताते हुए शव दफनाने पर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और अलाऊ के पक्ष के लोग लाठी-डंडा और ईंट-पत्थर लेकर पहुंचे और दलितों पर हमला बोल दिया।
मारपीट और पथराव के चलते एक पक्ष से श्रवण (23), करण (34), अवनीश (16), कुंदन (18), फूला देवी (38), सतीश (70), तारा देवी (40), शारदा देवी (45), जितेंद्र (35), सावित्री (40), सुरेश (30), शिवफेर (55) गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलने पर एसडीएम लालगंज जैनेंद्र सिंह, सीओ लालगंज श्यामनरायण, कोतवाल देवगांव मुनीष चौहान के अलावा मेहनाजपुर, बरदह, गंभीरपुर, तरवां थाने की पुलिस और पीएसी बल पहुंच गए। पुलिस देख मनबढ़ फरार हो गए।
पुलिस ने घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में भर्ती कराया। यहां 12 लोगों की हालत गंभीर बनी है। घटना के बाद गांव में तनाव है। इसको देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
एसडीएम लालगंज ने अपनी मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कराने के बाद अधूरे पड़े चिनाई के कार्य को पूरा कराया। एसपी आनंद कुलकर्णी ने दोषियों के विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।