नगर निगम के चौकीदार विजय रावत की हत्या के मामले में सिगरा पुलिस ने बुधवार की रात सफाईकर्मी गनेश और चालक रणजीत को पूछताछ के लिए उठा लिया।
घटना की जानकारी होने के बाद नगर निगम के सैकड़ों सफाईकर्मी और चालक गुरुवार की सुबह सिगरा थाने धमक पड़े और हंगामा करना शुरू कर दिया।
साथी को उठाए जाने से नाराज सफाईकर्मियों ने विरोध में थाने के सामने कूड़ा भी फेंका। इस दौरान कर्मचारियों ने पुलिस पर प्रताड़ना का भी आरोप लगाया। बाद में अफसरों समझाने के बाद सफाईकर्मी माने, तब जाकर मामला शांत हुआ।
नगर निगम के स्टोर रूम के चौकीदार की 29 दिसंबर की रात ड्यूटी के दौरान हत्या कर दी गई थी। अभी तक इस मामले में पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इसी क्रम में सफाईकर्मी गणेश और चालक रणजीत को पुलिस ने बुधवार की रात हिरासत में ले लिया। इसकी भनक जब अन्य सफाईकर्मियों एवं चालकों को लगी तब वे सैकड़ों की संख्या में थाने पहुंच गए।
इसमें महिलाएं भी शामिल थी। सफाईकर्मियों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही है। सफाई कर्मचारी संघ के नेता सोनचंद वाल्मीकि ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ देर बाद अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी और सपा नेता डॉ. ओपी सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने भी सफाईकर्मियों को समझाया और भरोसा दिलाया कि बिना वजह उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा।
तब जाकर मामला शांत हुआ। वहीं दोपहर बाद पुलिस ने पूछताछ के बाद गणेश को छोड़ दिया।
एसओ सिगरा विनय प्रकाश सिंह का कहना है कि सफाईकर्मी और चालक को शक के आधार पर पूछताछ के लिए लाया गया था। बाद में दोनों को छोड़ दिया गया।