12 नवंबर 2015 को खटीकान में हुए सांप्रदायिक बल्वे में मारे गए गौरव के मुकदमे में नया मोड़ आ गया है। खुद गौरव का परिवार हत्याकांड के तीन नामजद आरोपियों के पक्ष में खड़ा हो गया है। नामजद शानू की जमानत याचिका पर सुनवाई के दिन अदालत में गौरव के परिजनों की ओर से तीन आरोपियों के पक्ष में हलफनामे देने का अनुरोध किया गया, मगर अदालत ने पहले इस मसले पर विवेचक के समक्ष बयान दर्ज कराने और इसके बाद हलफनामे पर विचार करने की बात कही।
बता दें कि देहली गेट इलाके में खटीकान और सराय मियां के लोगों के मध्य हुए बवाल में गौरव की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग जख्मी हुए थे। गौरव के तयेरे भाई राजेश खन्ना की ओर से उस समय हत्या का मुकदमा मुस्तकीम, भूरा, जाहिद, शाहिद, शानू, शकील, जलाल व उनके चार-पांच साथियों के खिलाफ दर्ज कराया गया था। हत्या, आगजनी, छेड़खानी आदि धाराओं में दर्ज मुकदमे में जलाल, शानू आदि जेल चले गए। शानू की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई है, जिस पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है और सुनवाई के लिए 1 फरवरी तारीख नियत है।
पिछली तारीख पर इस मामले में गौरव के तयेरे भाई, मां, बहन आदि की ओर से कोर्ट में शकील, शाहिद व जाहिद के पक्ष में यह कहते हुए हलफनामे दिए कि यह लोग हत्या में शामिल नहीं थे। मगर कोर्ट ने यह कह दिया कि मामले में पहले विवेचक के समक्ष सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयान होंगे। फिर इन हलफनामों पर विचार होगा। ----- यह सही है कि परिवार में इन तीनों नामों के पक्ष में कोर्ट में या पुलिस को शपथ पत्र देने का विचार चल रहा है। क्योंकि हमारे स्तर से हुई जांच व लोगों से मिली जानकारी के आधार पर यह पता चला है कि शकील, शाहिद व जाहिद हत्या के वक्त मौके पर नहीं थे। उस समय भीड़ के चलते नाम लिखा दिए थे। मगर अभी शपथ पत्र कोर्ट में लगे नहीं हैं।- राजेश खन्ना वादी
-अभी उनके पास किसी तरह के शपथ पत्र नहीं आए हैं। अगर आएंगे तो उन पर विचार किया जाएगा। दूसरी बात अभी इस मुकदमे में छेड़खानी की धारा 354 के तहत बयान दर्ज होना भी शेष हैं। इसके आधार पर मुकदमे में चार्जशीट आदि दायर करने की कार्रवाई होगी। -डॉ. संजय विवेचक/सीओ प्रथम