स्कूलों में प्रवेश और कॉपी किताब की खरीदारी के सीजन में बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा हुआ है। वाणिज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) टीम ने स्कूली ड्रेस व स्टेशनरी के कारोबारियों और निर्माताओं के यहां छापेमारी कर इसका पर्दाफाश किया है।
कुछ दिनों में नौ फर्मों की जांच में कर चोरी करते हुए करीब छह करोड़ के कारोबार का खुलासा किया है। इसमें से एक फर्म बिना पंजीकरण के स्कूली ड्रेस बनाकर बेच रही थी।
ज्वाइंट कमिश्नर (एसआईबी) वीके शुक्ला ने बताया कि एसआईबी टीम ने लंका स्थित स्टेशनरी विक्रेता नरोत्तम दास बृजमोहन दास, मंडुवाडीह स्थित स्टेशनरी व स्कूली ड्रेस विक्रेता ओम मेगा मार्ट और जालपा देवी रोड स्थित कापी निर्माता व विक्रेता सिंह स्टेशनरी के यहां छापेमारी कर क्रमश: 40 लाख, एक करोड़ और दो करोड़ की अपवंचित बिक्री का खुलासा किया।
इनके यहां से अफसरों ने स्टॉक, खरीद-बिक्री रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज सीज कर दिए हैं। बड़े पैमाने पर मिले रॉ-मैटेरियल और निर्माण सामग्री सीज किया गया है। सभी को नोटिस जारी किया गया है।
ज्वाइंट कमिश्नर एसआईबी ओपी पांडेय ने बताया कि अर्दली बाजार, शिवपुर व पांडेयपुर स्थित स्कूली ड्रेस निर्माता व विक्रेता, स्टेशनरी व बैग विक्रेताओं की छह फर्मों पर एसआईबी टीम ने छापेमारी कर 2.55 करोड़ रुपये की अपवंचित बिक्री का खुलासा किया।इन फर्मो के स्टॉक, खरीद-बिक्री समेत अन्य दस्तावेजों को भी सीज कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पांडेयपुर स्थित एक फर्म का संचालक घर में मशीन लगाकर कई साल से कॉपी का निर्माण करता था और अपंजीकृत था। वह बनारस और इलाहाबाद से कागज खरीदता था।
इसके यहां से करीब 10 लाख रुपये मूल्य का कच्चा माल और 15 लाख रुपये मूल्य की निर्मित कापी सीज की गई। यह सीधे स्कूलों को भी कापी की आपूर्ति करता है। इन सभी फर्मों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।