ऋषि के साथ एक लड़का और था जो बचकर भाग गया लेकिन ऋषि नहीं बच सका। वह वाहन की चपेट में आ गया। जिसकी मौके पर मौत हो गई। बताया गया कि यही पर ऋषि का मामा काम करता है। उसी से मिलने के लिए वह जा रहा था। जिस वाहन से यह घटना हुई थी। वह वाहन डीबीएल कंपनी का नहीं था।
वह मैहर सीमेंट कंपनी से सीमेंट लेकर आया हुआ था। हादसे की घटना की जानकारी होते ही बगल के पतुलखी गांव के आक्रोशित ग्रामीण डीबीएल कंपनी कैंपस में पहुंच कर वहां पर खड़े 50 से अधिक हाइबा ट्रकों का शीशा तोड़ दिया। स्थिति की गंभीरता को देख कंपनी के काम में लगे सभी वर्कर वहां से भाग गए।
तोड़-फोड़ में आवासीय व आफिस के लिए बनाए गए भवनों में लगे कांच को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कंपनी के अंदर बड़े जेनरेटर को बंद कर अंधेरे का फायदा उठा कर लूट पाट कर चोरी करने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद कोतवाल श्याम बिहारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे मे लिया।
पुलिस के पहुचने के पहले तोड़-फोड़ करने के बाद ग्रामीण वहां से जा चुके थे। कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक संजीव कुमार व राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि तोड़-फोड़ में 25 लाख से अधिक का का नुकसान हुआ है। इसमें और भी पता किया जा रहा है। जिसमें इससे अधिक का भी नुकसान हो सकता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी कैंपस के अंदर किसी का भी बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है। जिसके लिए गार्ड की तैनाती की गई है। घटनास्थल से सौ मीटर सौ मीटर की दूरी पर दोनों तरफ गार्ड तैनात थे। बताया गया की तोड़ फोड़ में हुए वास्तविक नुकसान का आंकलन करने के बाद थाने मे तहरीर दी जाएगी।