मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के यार्ड में चोरी किए गए रेलवे के लोहे को आरपीएफ ने गुरुवार शाम जब्त कर लिया। इस मामले में दस लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बरामद लोहा लगभग तीन लाख की कीमत का बताया जा रहा है। आरपीएफ इंस्पेक्टर दिमाक सिंह ने बताया कि दो साल पहले रेल लाइन बिछाने का काम करने वाले ठेकेदार की शह पर लोहा जगह-जगह से चुराकर यहां डंप किया जा रहा था।
इस संबंध में कोई कागजात भी उनके पास नहीं थे। वहीं इस मामले में एक पीडब्ल्यूएआई पर भी आरोप लगे पर उन्होंने इसे सिरे से नकार दिया है। फिलहाल आरपीएफ जांच में जुटी है। मंडुवाडीह आरपीएफ को गुरुवार की शाम सूचना मिली की यार्ड में रेलवे का चोरी का लोहा डंप कर रखा गया है जिसे मजदूर यहां से लेे जाने की तैयारी कर रहे हैं। आरपीएफ ने मौके पर पहुंच कर एक डंफर सहित 3771 प्लेटें (छोटी लाइन में लगने वाली) बरामद किया।
सामान के साथ ठेकेदार के दो मुंशी सहित दस लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि दो साल पहले जौनपुर से औड़िहार के बीच रेल लाइन बिछाने वाले ठेकेदार के यह आदमी हैं। विभाग को निकला पूरा स्क्रैप वापस नहीं कर पाए थे। आरपीएफ का दावा है कि इसके लिए जगह-जगह से माल चोरी कर मंडुवाडीह में डंप किया जा रहा था। गुरुवार की रात उसको सिटी स्टेशन के पास जमा कराना था।
गिरफ्तार किए गए लोगों में आत्मा सिंह, राजकुमार, मुन्ना राम, राजकुमार, संजीवन, जगजीवन, विजय कश्यप, पवन कुमार, नरेश, होशियार शामिल हैं। कार्रवाई करने वालों में इंस्पेक्टर सहित सब इंस्पेक्टर भाष्कर सोनी, हेड कांस्टेबल राम नगीना, कांस्टेबल संतोष कुमार भारतीय रहे।