परिजनों की मांग है कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को कठोर सजा दिलाए, ताकि दोबारा किसी के साथ ऐसा न होने पाए। उधर, कानून के जानकारों का भी कहना है कि पूरा प्रकरण भ्रष्टाचार, अभियंताओं की मनमानी और कमीशनखोरी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस को आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज करना चाहिए। इसी को लेकर पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।