सीएचसी अधीक्षक ने दर्ज कराया केस
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सरकारी सेवारत चिकित्सक होकर प्राइवेट प्रैक्टिस करना आखिरकार डॉ डीडी गुप्ता को भारी पड़ गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हंडिया इलाहाबाद में तैनात डॉ.गुप्ता के खिलाफ शनिवार देर रात गोपीगंज थाने में इंडियन मेडिकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
सीएचसी गोपीगंज के अधीक्षक डॉ.आशुतोष पांडेय की तहरीर पर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पांडेय ने चिकित्सा अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। मिर्जापुर तिराहा स्थित संचालित जीवन दान अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉ.गुप्ता के खिलाफ डीएम विशा ख जी के सख्त रूख अपनाने के तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके पूर्व डॉ.गुप्ता के खिलाफ एडीशनल सीएमओ स्तर के अधिकारी की जांच में शिकायत सही मिलने के बाद भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। सूत्रों के मुताबिक जिले के अलावा पड़ोसी जिले के अस्पतालों में बड़े पैमाने पर सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं।
स्वास्थ्य महकमा दबाव में आकर डॉक्टर के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा था।शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत डीएम से की थी।डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने 21 जून को सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया था। लेकिन अधीक्षक ने भी हीलाहवाली करते हुए करीब तीन दिन और गुजार दिए।
शुरूआत में मामले को टरकाने का प्रयास किया गया लेकिन डीएम ने सख्त रवैया अपनाया तो महकमें में खलबली मची। शनिवार रात डॉ.पांडेय की तहरीर पर कार्रवाई की गई। भदोही जिले में सरकारी चिकित्सक के खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर केस दर्ज होने से अन्य चिकित्सकों में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि शासन के मंशानुसार ही कार्य होंगे। जो सरकारी चिकित्सक निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं या तो वह नौकरी से इस्तीफा दे दें अन्यथा उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।