फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनारस में दोस्त ने ही दिया था लूट की वारदात को अजांम, सामने आया दंग कर देने वाला कारण  

Sun, 29 Oct 2017 12:42 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
लूट - फोटो : डेमो फोटो
विज्ञापन
वाराणसी में फूलपुर के दबेथुआ में बीते 11 अक्तूबर को राइस मिल संचालक संत शरण गुप्ता के बेटे विवेक गुप्ता के साथ हुई चार लाख रुपये की लूट के मामले में क्राइम ब्रांच और फूलपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


उनके पास से 50 हजार रुपये, दो बाइक, सात मोबाइल, दो असलहे बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि राइस मिल संचालक के बेटे के दोस्त अभय ने ही लूट की साजिश रची थी।

घटना के वक्त वह खुद राइस मिल संचालक के बेटे की बाइक पर था। उसी ने फोन कर अपने अन्य दोस्तों को बुलाया था। अभय समेत तीन आरोपी फरार हैं। एसपी ग्रामीण अमित कुमार और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया।
विज्ञापन


बताया कि सभी आरोपी अच्छे परिवार से हैं और महंगे शौक पूरे करने के लिए चोरी और लूट करते थे। महंगी बाइक पर गर्ल फ्रेंड को घुमाना और गिफ्ट दिलाने में ऐसी घटनाएं करते थे।

इनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच प्रभारी ओमनारायण सिंह को सूचना मिली थी कि लूट के आरोपी दबेथुआ की ओर से नकटी भवानी मंदिर की ओर जाने वाले हैं। 
विज्ञापन

अभय अक्सर विवेक के साथ तगादे पर जाता था

UP Police
फूलपुर पुलिस के साथ घेरेबंदी की गई। तीन बाइक पर सवार सात बदमाशों को रुकने का इशारा किया गया तो वह फायर कर भागने लगे। इसी दौरान दो बाइक सवार आपस में टकरा कर कर गिर गए।

पुलिस ने घेरेबंदी कर जौनपुर के जलालपुर, महिमापुर निवासी एक किशोर, शिवा गिरी, फूलपुर के दबेथुआ निवासी धीरज कुमार और जौनपुर के केराकत, टिसौरी निवासी विनोद कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि दबेथुआ निवासी अभय सिंह, फूलपुर के उसरा शहीद निवासी चंदन सिंह और फूलपुर के बरजी निवासी लकी सिंह मौके से फरार हो गए। बताया कि अभय सिंह राइस मिल संचालक के बेटे का दोस्त है।

वह अक्सर उसके साथ तगादे पर जाता था। घटना के बाद दोनों चार तगादे से चार लाख रुपये लेकर साथ लौट रहे थे। अभय ने ही धीरज को मैसेज भेजा था। धीरज ने अन्य साथियों को फोन कर बुलाया था।

विनोद स्नातक प्रथम वर्ष और एक आरोपी इंटरमीडिएट का छात्र है। जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों ने मोबाइल की काल डिटेल खंगाली तो राज खुलने शुरू हुए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें