पचास हजार रुपये के इनामी बदमाश लंका निवासी सोनू सिंह के सेंट्रल रोड स्थित एक अस्पताल में होने की सूचना पर कैंट पुलिस और क्र्राइम ब्रांच ने मंगलवार की शाम अस्पताल में छापेमारी की।
बदमाशों के असलहों से लैस होने की सूचना पर पुलिसकर्मी भी हथियारों से लैस होकर अस्पताल में घुसे। अफ रातफरी के बीच ट्रैफिक रोक दिया गया। चौकसी के बाद भी सोनू पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
अस्पताल से उसके तीन साथी पकड़े गए हैं। तीनों से पूछताछ की जा रही है। काले रंग की एक स्कार्पियो भी बरामद की गई है।
इंस्पेक्टर कैंट रतन सिंह यादव को मंगलवार की शाम सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश सोनू सिंह समेत कुछ लोग स्कार्पियो से सेंट्रल जेल रोड से गुजरने वाले हैं। पुलिस ने जेल रोड पर घेरेबंदी कर दी।
इसी दौरान काले रंग की स्कार्पियो से चार लोग जेल रोड स्थित निजी अस्पताल के सामने पहुंचे। गाड़ी बाहर खड़ी करने के बाद चार लोग अस्पताल के अंदर चले गए।
कुछ ही देर में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अस्पताल को घेर लिया। अस्पताल की तलाशी ली जाने लगी। कुछ देर बाद एसएसपी आकाश कुलहरि, सीओ कैंट राजकुमार यादव समेत अधिकारी भी पहुंचे।
सोनू को नहीं मिला लेकिन उसके तीन करीबी चौबेपुर के चुकहां निवासी सुरेश जायसवाल, भानू सिंह और कज्जाकपुरा निवासी आनंद केशरी को हिरासत में ले लिया गया।
सीओ कैंट राजकुमार का कहना है कि सुरेश ने पूछताछ में बताया कि सोनू सिंह उसके साथ था। सुरेश पूर्व में मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है। आनंद बाइक चोरी में जेल जा चुका है।
मामले की छानबीन चल रही है। स्कार्पियो मिर्जामुराद निवासी एक सफेदपोश की बताई जा रही है। बता दें कि लंक के नरोत्तमपुर निवासी सोनू सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सनी सिंह का बेहद करीबी रहा है।
मुठभेड़ के दौरान वह भाग निकला था।