चेतगंज थाने पर तैनात मऊ निवासी सिपाही मिथिलेश कुमार सिंह (48) ने शनिवार की सुबह ड्यूटी के दौरान तेलियाबाग पुलिस बूथ पर 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर आए तो बूथ में खून से लथपथ मिथिलेश तड़प रहे थे।
तत्काल चेतगंज थाने को सूचना दी गई। मिथिलेश को लेकर पुलिस मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मिथिलेश की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ। सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं क्योंकि अपने रोग से परेशान हो चुका हूं।
इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। मेरी पत्नी को मेरी सर्विस का सारा पैसा दे दिया जाए।’ हालांकि परिवारवालों का कहना है कि मिथिलेश को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। मामूली तौर पर शुगर बढ़ी हुई थी।
मऊ जनपद के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के उस्मानपुरा गांव के मूल निवासी मिथिलेश 1987 में पुलिस में भर्ती हुए। रिटायर्ड थानेदार विश्वनाथ सिंह के पुत्र मिथिलेश कुछ वर्षों से सिगरा थाना क्षेत्र की हरिनगर कॉलोनी छित्तूपुर में अपना घर बनवाकर रह रहे थे।
एक साल से उनकी तैनाती चेतगंज थाने में थी। गुरुवार को तेलियाबाग पुलिस बूथ पर उनकी ड्यूटी थी। सुबह सवा नौ बजे बाइक से मिथिलेश घर से निकले। अपनी लाइसेंसी बंदूक भी उन्होंने साथ ली थी। तेलियाबाग पुलिस बूथ पहुंचने के बाद उन्होंने सामने की दूकान से चाय मंगाई।
दूकानदार अभी चाय लेकर आया भी नहीं था कि 9:47 बजे के लगभग गोली चलने की आवाज सुनाई दी। चाय दूकानदार सहित आसपास के लोग भाग कर बूथ पर आए तो खून से लथपथ मिथिलेश कुर्सी पर तड़प रहे थे। मिथिलेश ने बंदूक को दोनों पैरोें के बीच रखकर अपनी ठुड्डी के नीचे गोली चलाई थी।
कबीरचौरा अस्पताल में मिथिलेश को मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अस्पताल पहुंचे एसएसपी आकाश कुलहरि ने कहा कि मिथिलेश मेहनती और मिलनसार सिपाही थे। बीमारी के कारण वह अवसाद में थे। सुसाइड नोट में सारी बातें स्पष्ट हैं।