बिहार टॉपर्स घोटाले के मास्टरमाइंड बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उनकी पत्नी जद (यू) की पूर्व विधायक उषा सिन्हा को सोमवार की सुबह भेलूपुर के शिवाला क्षेत्र स्थित एक आश्रम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों महमूरगंज के शीलनगर निवासी अपने दूर के रिश्तेदार और बेटे के दोस्त प्रभात जायसवाल की मदद से बीते 10 दिन से शहर में ठिकाने बदलकर रह रहे थे। पुलिस ने प्रभात को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) ने इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के सहारे वाराणसी क्राइम ब्रांच की मदद से की। तीनों से पुलिस लाइन में एसआईटी ने घंटों पूछताछ की।
बिहार की इंटरमीडिएट परीक्षा में अनियमितताएं उजागर होते ही वहां की पुलिस ने लालकेश्वर प्रसाद सिंह और मामले की सह आरोपी उनकी पत्नी उषा सिन्हा के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट लिया था। इसके बाद से ही दोनों भूमिगत हो गए थे। इसी बीच एसआईटी को पता चला कि लालकेश्वर अपनी पत्नी के साथ वाराणसी में छिपे हुए हैं। पिछले पांच दिन से एसआईटी शहर में डेरा डालकर लालकेश्वर की टोह ले रही थी।
तफ्तीश में पता चला कि महमूरगंज निवासी प्रभात जायसवाल की मदद से लालकेश्वर शहर में एक हफ्ते से ठिकाने बदलकर पत्नी के साथ रह रहे हैं। सोमवार की सुबह भी लालकेश्वर अपनी पत्नी के साथ ठिकाना बदलने के लिए शिवाला स्थित एक आश्रम के पास कार से पहुंचे थे, तभी घेरेबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात तीनों को बिहार पुलिस के एसपी राकेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था में भेलूपुर थाने लाकर लिखापढ़ी कराने के बाद मेडिकल मुआयना कराया गया। लालकेश्वर और उषा के स्वास्थ्य का हवाला देकर बिहार पुलिस ने उनसे किसी को बात नहीं करने दिया। इसके बाद तीनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड बनवाकर पटना ले जाया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि लालकेश्वर प्रसाद सिंह और उषा सिन्हा को एसआईटी ने क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार किया है। दोनों को शरण देने के आरोप में शील नगर का प्रभात जायसवाल भी गिरफ्तार किया गया है। मामले के इंवेस्टिगेशन आफीसर विधिक प्रक्रियाओं को पूरा कर तीनों को पटना ले जाएंगे।