हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल चिकित्सालय में छह और सात जून को करीब 20 मरीजों के मौत के मामले में प्रदेश सरकार और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा से जवाब मांगा है।
आरोप है कि मरीजों की मौत औद्योगिक गैस सप्लाई करने की वजह से हुई है, जिसका ठेका भाजपा विधायक हर्षवर्धन बाजपेई की कंपनी के पास है। घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
भुवनेश्वर द्विवेदी की जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति अमर सिंह चौहान की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका पर अधिवक्ता केके रॉय और चार्ली प्रकाश ने पक्ष रखा। कोर्ट ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को मौत के कारणों की जांच करके रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने यह भी पता लगाने का निर्देश दिया कि अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई करने का ठेका किसके पास है। याचिका में कहा गया है कि अस्पताल में गत छह और सात जून को करीब 20 मरीजों की अचानक मौत हो गई थी। इसकी वजह ऑक्सीजन की जगह गलत सप्लाई करना था।