चंदौली कोतवाली पुलिस ने दुलहीपुर क्षेत्र में फर्जी तरीके से रह रहे चार बांग्लादेशी नागरिकों और तीन स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम एवं भारतीय दंड विधान के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गिरफ्तार लोगों में एक वकील संजय विश्वकर्मा भी है, जो बांग्लादेशियों को फर्जी वोटर आई, निवास प्रमाणपत्र आदि मुहैया कराता था। इसके घर से फर्जी वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, ग्राम प्रधान का लेटर हेड, मुहरें आदि बरामद हुए।
कोतवाली में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने रविवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 27 मई को मो. राना शेख और मो. बप्पी खां अपने पासपोर्ट वेरीफिकेशन के लिए मुकुल चौधरी के साथ मुगलसराय कोतवाली आए थे। सत्यापन के दौरान पुलिस को शक हुुआ तो तीनों को कोतवाली में ही रोक लिया और सख्ती से पूछताछ की।
इस दौरान तीनों ने कबूल किया कि वे लोग मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और दुलहीपुर के आसपास के क्षेत्रों में रहते हैं। यहां कुछ स्थानीय लोग बांग्लादेश से आने वाले लोगों के भारतीय मूल के दस्तावेज बनवाने में मदद करते हैं।
इसके बाद पुलिस ने पकड़े गए विदेशी नागरिकों की निशानदेही पर छापेमारी की। पुलिस ने इन लोगों को विदेश भेजने में मदद करने वाले रामनगर थानांतर्गत सूूजाबाद निवासी महेन्द्र साहनी को धर दबोचा।
फिर सूजाबाद के ही वकील संजय विश्वकर्मा, बांग्लादेश के दीनाजपुर जिला निवासी राजन एंव पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिला निवासी मो. फिरोज को भी पकड़ा । राजन और फिरोज भी फर्जी आईडी पर दुलहीपुर क्षेत्र में रह रहे थे।