विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों पर पुलिस की पैनी नजर है। चुनाव के मद्देनजर इन क्षेत्रों में पुलिस औचक वाहन चेकिंग के साथ ही अपराधियों को दबोचने का अभियान शुरू कर दिया है।
सीमा से लगे सभी थानों के थानाध्यों को सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने और अपराधियों को दबोचने का निर्देश दिया है। ताकि चुनाव के दौरान कोई भी अपराधी अपने मनसूबे में सफल न हो सके और शांति पूर्ण तरीके से विधनसभा हो सके। बलिया जिले का अधिकतम हिस्सा बिहार सीमा से लगा हुआ है। जिसमें कोटवानाराणपुर से लेकर जयप्रकाशनगर तक गंगा नदी और मांझी घाट से तूर्तीपार तक घाघरा नदी सीमा रेखा है।
ऐसे में बिहार से अपराधी आसानी से यूपी की सीमा में घुस अपराध को अंजाम देने के बाद भाग निकलते हैं या यूपी के अपराधी घटनाओं को अंजाम देकर बिहार में जाकर शरण ले लेते हैं। यही नहीं तस्कर भी आसानी से अवैध असलहा सहित अवैध शरा और पशुओं की तस्करी नदियों के सहारे करते हैं।
चुनाव के दौरान इन्ही रास्तों के साहरे अपराधी घटनाओं के अंजाम देकर मतदाताओं में दहशत फैलाते हैं और जब तक पुलिस पहुंचती है, तब तक अपराधी बिहार भाग निकलने में सफल हो जाते हैं।
बिहार से लगा हुआ है बलिया का ढाई सौ किमी का क्षेत्र
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- फोटो : demo pic
यही नहीं अवैध असलहों को भी तस्कर आसानी से यूपी के सीमा में पहुंचा देते हैं। इसे रोकना आम दिनों में तो पुलिस के लिए चुनौती रहती ही है, चुनाव के समय में यह चुनौती और बढ़ जाती है।
इसी के मद्देनजर नवागत पुलिस अधीक्षक ने सीमा से सटे थानों के थानाध्यक्षों को सीमा क्षेत्रों पर पैनी नजर रखने और यूपी-बिहार की सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर चेकिंग अभियान तेज करने का निर्देश दे दिया है।
ताकि अपराधियों के आवागमन पर नकेल कसा जा सके और विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बता दें कि जिले की करीब ढाई सौ किमी का क्षेत्र बिहार से लगा हुआ है। पुलिस की थोड़ी से लापरवाही विधानसभा चुनाव के दौरान अशांति पैदा कर सकती है।
बलिया के पुलिस अधीक्षक राम प्रताप सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जनपद के बिहार से लगे सीमाओं पर पैनी नजर रखने और बिहार यूपी को जोड़ने वाले मार्गों को चेकिंग अभियान चलाने के अलावा वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करने का निर्देश दे दिया गया है। ताकि विधानसभा चुनाव के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो सके।