बलिया के शहीद पार्क में पांच दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे ठेला दूकानदारों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। अपनी मांगें अनसुनी किए जाने से नाराज चार ठेला दूकानदारों ने विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी की कोशिश की। आनन-फानन में चारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं दूसरी ओर इस घटना के विरोध में दूकानदार व उनके समर्थकों ने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की। सूचना के बाद पुलिस फोर्स पहुंची तथा स्थिति को काबू में किया। बीते 13 जून को पटरी एवं ठेला दूकानदार विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नगर के शहीद पार्क चौक में क्रमिक अनशन शुरू किया।
सामाजिक कार्यकर्ता विकास पांडेय लाला के नेतृत्व में क्रमिक अनशन पर बैठे दूकानदार अपनी मांगों से जिला प्रशासन को अवगत करा चुके थे, लेकिन पांच दिन बाद भी जब जिला प्रशासन की तरफ से उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो शनिवार को उनका धैर्य जवाब दे गया।
क्रमिक अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता विकास पांडेय लाला, रहमत अली, मुस्लिम राइन, सरफराज राइन ने प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी की कोशिश की। इस पर साथी अनशनकारियों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया।
उनकी हालत बिगड़ते देख साथी ठेला दूकानदार व समर्थकों ने आपातकालीन कक्ष में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी सत्येंद्र राय मौके पर पहुंचे तथा स्थिति पर काबू पाया। इसके बाद सीओ नगर केसी सिंह, सीओ प्रवीण सिंह, नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पांडेय, चौकी प्रभारी बिचला घाट अजीत सिंह, गड़वार एसओ धर्मेंद्र सिंह सहित भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई।
अपर जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंघल, एएसपी विजय पाल सिंह पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। पुलिस के आने के बाद चिकित्सकों ने पीड़ितों का उपचार शुरू किया उसके कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हुई।