आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में आई एक बारात दहेज में एक लाख रुपये न मिलने पर लौट गई। जबकि वर पक्ष वाले तीन लाख रुपये पहले ही ले चुके थे। बेटी की शादी टूटते देख पिता ने दूल्हा सहित अन्य के पैरों में अपनी पगड़ी तक रख दी लेकिन किसी पर कोई असर नहीं हुआ।
गंभीरपुर थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की शादी अतरौलिया थाना क्षेत्र के पहुवारी की सराय गांव निवासी सूर्यकेश सैनी के बेटे धर्मेंद्र से तय की थी। 20 फरवरी की देर शाम बारात तय समय पर लड़की के दरवाजे पर पहुंच गई।
घरातियों ने बारातियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। द्वारपूजा के बाद भोजन का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसके बाद जयमाल होना था। बाराती भोजन करने के बाद जनवासे में गए। इसी बीच लड़की के पिता जयमाल के लिए दूल्हे सहित अन्य लोगों को बुलाने पहुंचे।
वहां गुस्से में भरे दूल्हे के पिता ने कहा कि दहेज का बाकी एक लाख रुपया मिलने के बाद ही जयमाल होगा। यह सुन सभी लोग सन्न रह गए। लड़की के पिता और चाचा ने काफी अनुनय विनय की। कहा कि तीन लाख दे चुका हूं बाकी के एक लाख भी जल्दी दे दूंगा।
पर लड़केवाले नहीं माने और बगैर शादी किए ही बारात लेकर चले गए। शादी टूटने से दुल्हन सहित उसके घर और गांव के लोग सदमे में हैं। प्रभारी निरीक्षक गंभीरपुर मंजय सिंह ने बताया कि लड़की के पिता ने थाने में शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।