कोटे की दूकान को लेकर रविवार की देर रात रानी की सराय थाना क्षेत्र के चकमेउवा गांव में एक चिकित्सक समेत दो लोगों की पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद सोमवार की सुबह ग्रामीणों की घेराबंदी के बीच ग्राम प्रधान के घर में से एक युवक फायरिंग करते हुए भाग निकला।
वहां तैनात पुलिस देखती रह गई। इस पर एक पक्ष के लोगों ने हंगामा कर दिया और ग्राम प्रधान के पट्टीदार की मड़ई फूंक दी। इससे उसमें रखा सामान जल कर राख हो गया। पुलिस ने सत्यदेव चौहान की तहरीर पर रात में ही शिवशंकर यादव सहित 13 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया।
पूरे मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार की सुबह एडीजी वाराणसी जोन जान बी महापात्रा ने पीड़ित परिवार से मिलकर घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ में मौजूद रहे एसपी अजय कुमार साहनी को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
चकमेउवा गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दूकान को लेकर चौहान और यादव वर्ग के बीच विवाद चल रहा है। ग्राम प्रधान राजेंद्र यादव के लोग चाहते थे कि कोटा उनके समर्थक के पास रहे जबकि चौहान बिरादरी के लोग चाहते थे कि कोटा उनके समर्थक के पास रहे।
इसे लेकर 22 मई को हुई बैठक में चुनाव के बाद दूकान चौहान समर्थक को आवंटित की गई। इससे यादव वर्ग नाराज था। ग्राम प्रधान के घर शादी होने की वजह से पूरा परिवार इकट्ठा था। रविवार की रात करीब दस बजे गांव के होम्योपैथिक डॉ. सुदर्शन चौहान (40), उनका भतीजा दंत चिकित्सक डॉ. राजू चौहान (29) और डिस्पेंसरी संचालक मुन्नीलाल चौहान (39) रानी की सराय बाजार स्थित अपनी दूकान बंदकर घर लौट रहे थे।
गांव के बाहर पोखरे के पास बाइक रोक कर तीनों खेत में चल गए तभी यादव पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे से हमला बोल दिया। पिटाई से डॉ. सुदर्शन और मुन्नीलाल की तो मौके पर मौत हो गई जबकि डॉ. राजू का शहर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है।
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए रात में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। घटना के बाद ज्यादातर आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। सोमवार की सुबह एक आरोपी के प्रधान के घर में छिपे होने की आशंका पर लोगों ने घर को घेर लिया। इस पर भीतर से फायरिंग की जाने लगी।
फायरिंग से वहां भगदड़ मच गई और जब तक पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते तभी एक कार प्रधान के दरवाजे पर आकर रुकी और एक युवक फायरिंग करते हुए निकला व कार में सवार होकर भाग गया। इस दौरान पुलिस देखती ही रह गई। युवक के भागने पर ग्रामीण भड़क उठे।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाने लगे। इस दौरान किसी ने ग्राम प्रधान के पट्टीदार बरसाती यादव की मड़ई जला दी। इससे मड़ई और भीतर रखे सामान जलकर नष्ट हो गए। इस घटना के बाद पुन: गांव का माहौल बिगड़ गया। हालांकि पुलिस ने हालात को नियंत्रण में कर लिया।