यूपी के आजमगढ़ जिले में एक मां ने अपने कलेजे के टुकड़े के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। मां-बेटे की मौत की खबर सुनकर आसपास के लोग दहल गए। बताया जा रहा है कि गृह कलह से तंग आकर टेकमलपुर की महिला ने गुरुवार की सुबह अपने तेरह साल के बेटे के साथ रानी की सराय थाना क्षेत्र के जगन्नाथ सराय गांव के पास आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलने पर मृतका के पिता थाने पर पहुंचे और दामाद सहित पांच लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। सिधारी थाना क्षेत्र के मोहमदल्ला गांव निवासी रामाधार यादव की बेटी पूनम (35) की शादी रानी की सराय थाना क्षेत्र के टेकमलपुर गांव निवासी बृजेश यादव के साथ हुई थी। इस दौरान पूनम दो बच्चों की मां बनी।
उसका बड़ा बेटा अंकित (13) था और छोटी बेटी नेहा (8) वर्ष की है। बृजेश एक प्राइवेट जीप पर खलासी का काम करता है। आर्थिक तंगी की वजह से पूनम के घर में अक्सर झगड़ा होता था। कभी पूनम से उसकी जेठानी और देवर झगड़ा करते थे, तो कभी उसके सास-ससुर झगड़ा करते थे।
इस बात को लेकर पूर्व में कई बार पंचायत हुई। पंचों के निर्णय स्वीकारने के बावजूद वे पुन: झगड़ा करने लगते। बुधवार की रात किसी बात पर घर में झगड़ा शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। बार-बार के झगड़े से तंग पूनम गुरुवार की सुबह अपने बेटे अंकित के साथ घर से निकल गई।
जबकि बेटी नेहा घर पर रह गई। घर से निकलते समय पूनम ने अपने पिता रामाधार को फोन कर घर से निकलने की वजह बताई और बेटे को लेकर घर से थोड़े दूर जगन्नाथ सराय डगरा के पास पहुंच गई। इस दौरान सुबह करीब सात बजे शाहगंज रेलवे स्टेशन से बलिया के लिए जा रही पैसेंजर ट्रेन के सामने वह बेटे को लेकर कूद गई। ट्रेन से कटकर मां-बेटे की मौत हो गई।
घटनास्थल से महज कुछ ही दूरी होने पर परिवार के लोग पहुंच गए और शव की पहचान की। तभी रामाधार भी पहुंच गया और उसने पुलिस को सूचना दी। रामाधार ने तहरीर देकर अपने दामाद बृजेश यादव, उसके पिता प्रभुनाथ यादव, सास उर्मिला यादव के अलावा परिवार के पंकज और नीरज के विरुद्ध आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा में केस दर्ज कराया। सीओ नगर संतोष सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मां-बेटे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।