निलंबित एआरटीओ आरएस यादव ने चंदौली कोतवाली में 36 घंटे तक चली पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए। आरएस यादव ने संपत्ति का ब्यौरा देने के साथ ही ओवरलोड ट्रकों से वसूली के खेल में शामिल चंदौली जिले के कई सफेदपोशों के नाम भी बताए। पूछताछ की रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने आठ जून को एनएच दो पर एआरटीओ के ड्राइवर और एक दलाल को ट्रक से अवैध वसूली करने के आरोप में पकड़ा था। इस दौरान ड्राइवर के पास से बरामद फाइल में मिली ट्रकों की सूची खंगालने के बाद इस खेल का खुलासा हुआ।
पुलिस आरएस यादव को 36 घंटे की रिमांड पर लेकर शनिवार की दोपहर लगभग बारह बजे चंदौली कोतवाली पहुंची। सूत्रों के अनुसार यहां उसने छह-सात सफेदपोशों के नाम बताए। ये जनपद में चल रहे वसूली के धंधे में उसका साथ देते थे।
इस मामले में शासन से निर्देश मिलने के बाद पुलिस उन सफेदपोशों से से भी पूछताछ कर सकती है। सूत्रों की मानें तो पुलिस टीम ने एक सीए भी इस दौरान साथ रखा था, जिसने आरएस यादव की कंपनियों और शेयर से जुड़े तथ्यों की जानकारी में पुलिस की मदद की।
संपत्ति के कागजात बीडीए को सौंपे
चंदौली कोतवाली में 36 घंटे तक चली पूछताछ में आरएस यादव ने करोड़ों रुपये की संपत्ति का ब्यौरा भी पुलिस के सामने रखा। इसके बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्यांकन करने के लिए पुलिस ने कागजात बीडीए को सौंप दिया है।
आरएस के रिश्तेदारों के पांच करोड़ के शेयर के कागजात मिले
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- फोटो : अमर उजाला
निलंबित एआरटीओ आरएस यादव से पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। रविवार को सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय ने आरएस यादव के साथ गोधन के समीप एनएच दो, पूजा धर्मकांटा, चकिया तिराहा सहित विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।
इस दौरान ट्रक चालकों से छीनकर फेंके गए कुछ कागजात भी बरामद हुए। तीन बोगस कंपनियों में आरएस के नजदीकियों और रिश्तेदारों के लगभग पांच करोड़ के शेयर के कागजात भी बरामद हुए।
पुुलिस टीम आरएस यादव को 36 घंटे की रिमांड पर लेकर शनिवार की दोपहर लगभग बारह बजे चंदौली कोतवाली लेकर आई थी। पहले दिन सात से आठ घंटे तक चली पूछताछ बहुत हासिल नहीं हुआ। सूत्र बताते हैं कि शनिवार की शाम को जांच टीम उसे कहीं ले गई।
इसके बाद रविवार की सुबह सीओ सदर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फिर पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ के बाद आरएस यादव ने राज उगलना शुुरू कर दिया। इस दौरान आरएस यादव के बताए तथ्यों के आधार पर सत्यापन करने के लिए टीम उसके ठिकानों पर ले गई।
हाईवे पर एक स्थान से ट्रक चालकों से छीनकर फेंके गए गाड़ियों के कागजात बरामद हुए। हालांकि पूछताछ के दौरान आरएस यादव ने टीम को बरगलाने की कोशिश भी की। ज्यादातर प्रश्नों के जवाब न में दिए। इसके बाद शाम छह बजे तक उसे जिला जेल अधीक्षक के सुपुर्द कर दिया गया।