सेना भर्ती में बुधवार को जालसाजों ने सेंध लगा दी। एक के बाद एक गाजीपुर के चार युवकों ने धोखाधड़ी कर सेना भर्ती में भाग लेने का प्रयास किया लेकिन सैन्यकर्मियों की चौकसी की वजह से वह इसमें सफल नहीं हो सके। कोई अपने भाई की जगह भर्ती में शामिल होने आया था तो कोई बिना दौड़े ही पास हुए अभ्यर्थियों की लाइन में बैठना चाहता था। सेना के अधिकारियों ने आरोपियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सेना भर्ती कार्यालय के निदेशक कर्नल मनीष धवन का कहना है कि युवकों के बेहतर भविष्य को देखते हुए उन्हें समझा कर छोड़ गया है। उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है।
सेना भर्ती में दौड़ पास कर चुके अभ्यर्थियों को अलग लाइन में बैठाया जाता है। उनके हाथ पर मुहर लगाई जाती है। वहीं मैदान के दूसरी तरफ ही दौड़ में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बैठाया जाता है। दौड़ में शामिल होने के लिए बैठा एक युवक किसी तरह दौड़ पास कर चुके युवकों की लाइन में जाकर बैठ गया। हाथ पर मुहर न लगने की वजह से वह पकड़ा गया। वह यही कहता रहा कि वह दौड़ पास कर चुका है, उसके हाथ पर मुहर नहीं लगाई गई है। बाद में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से स्पष्ट हुआ कि वह दौड़ में शामिल हुआ ही नहीं। बाद में उसने अपनी गलती स्वीकार की।
भर्ती के दौरान कुछ युवकों की दौड़ चल रही थी जो कुछ को दौड़ के लिए बैठाया गया था। युवकों को मैदान के चार चक्कर लगाने पड़ते हैं। दौड़ के दौरान ही मैदान में बैठा एक युवक अचानक से दौड़ लगा रहे युवकों के बीच घुस गया। तब तक दौड़ के दो चक्कर पूरे हो चुके थे। सैन्यकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और बाहर कर दिया।
गाजीपुर का एक युवक अपने भाई की जगह सेना भर्ती में शामिल होने आया था। उसने दौड़ भी पास कर ली। कागजात की जांच और फोटो मिलान करने पर वह पकड़ा गया। प्रवेश पत्र और अन्य कागजात पर लगी फोटो से उसका चेहरा मेल नहीं खा रहा था। बाद में उसने भी अपनी गलती मानी।
सेेना ने भर्ती स्थल के चारो ओर हरे रंग के कपड़ा लगाया हुआ है। बांस बल्ली के सहारे चारो ओर कपड़ा लगे होने से अंदर क्या हो रहा यह नहीं दिखता। दोपहर में दौड़ में फेल हुए युवकों को मैदान के बाहर भेजा रहा था। इसी दौरान फेल हो चुका युवक अचानक कपड़े के नीचे मैदान में घुसने का प्रयास कर रहा था लेकिन उसे पकड़ लिया गया।