पलवल से दवा देकर लौट रही महिला से लिफ्ट के बहाने कार में हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म का सच पुलिस की जांच में साफ हो गया। हालांकि पुलिस एक नामजद को जेल भेज चुकी थी। मगर जब हकीकत सामने आई तो महिला भी बयान देने आने के बजाय कतराने लगी और फोन पर ही उसने बयान दर्ज कराए।
अब तक की पुलिस जांच में साफ हुआ है कि जिन लोगों पर महिला ने रेप का आरोप मढ़ा, उन लोगों ने महिला के परिजनों व रिश्तेदारों पर गबन का मुकदमा दर्ज करा रखा है। उस मुकदमे में महिला के परिजनों का जेल जाना तय है। मुकदमे मे समझौते के लिए यह कहानी रची गई। अब पुलिस मुकदमे को दाखिल दफ्तर करने की तैयारी में है और जो नामजद जेल गया है। उसे भी रिहा कराया जाएगा।
18 अक्तूबर की सुबह खैर क्षेत्र की महिला ने लोधा थाने पहुंचकर जो कहानी बताई, उससे पुलिस के पांव उखड़ गए। बुलंदशहर जैसे कांड की कहानी सुनाकर महिला ने बताया कि वह पलवल एक बाबा के आश्रम पर दवा लेने गई थी। वहां से जब निकली तो बाबा ने उसे अपनी कार में यह कहते हुए लिफ्ट दे दी कि वह भी अलीगढ़ जा रहा है।
इसके बाद लोधा इलाके में लाकर उसके साथ बाबा व चालक ने रेप किया और बेहोश कर जंगल में फेंक गए। इस मुकदमे में पुलिस ने तत्काल बाबा कृपाल सिंह निवासी पलवल व उनके चालक हरपाल को नामजद कर लिया और हरपाल को बाबा के आश्रम पर दबिश देकर गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया।
इसके बाद जब जांच शुरू हुई तो महिला बयान देने नहीं आई और न मेडिकल कराने को तैयार हुई। बाद में खुलासा हुआ कि बाबा द्वारा जगह-जगह सत्संग किया जाता है। खैर व मडराक क्षेत्र के तमाम लोग उससे जुड़े हैं। महिला के परिजन भी जुड़े हैं।
इन लोगों ने बाबा के सत्संग के नाम पर आश्रम की रसीदें छपवाकर चंदा ले लिया था, जिसका मुकदमा बाबा ने महिला के परिजनों व मडराक के लोगों पर पलवल में दर्ज कराया। इस मुकदमे में एक पखवाड़ा पूर्व महिला के एक परिवारी की गिरफ्तारी हुई है। इसी परिवार की एक महिला ने बाबा पर पिछले सप्ताह खैर में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था, जो पुलिस ने खारिज कर दिया। अब यह मुकदमा दर्ज कराया गया था।