परिजन समेत अन्य लोग अस्पताल पहुंच कर डॉक्टर की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। नाराज कुछ लोग अस्पताल के शीशे, एंबुलेंस समेत अन्य सामान क्षतिग्रस्त करने लगे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। कोतवाली के एसएसआई विंकटेश तिवारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन मृतका के बेटे दीपक का कहना था कि डॉक्टर समेत अन्य कर्मियों की लापरवाही से उसकी मां की मौत हुई है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने पर ही वे लोग शव ले जाएंगे।
कुछ ही देर बाद भारी पुलिस बल के साथ सिटी सीओ डॉ केजी सिंह भी पहुंच गए और उन्होंने कहा कि जो तहरीर देंगे उसके आधार वर कार्यवाही होगी तब जाकर सभी शांत हुए। दोपहर बाद जिला अस्पताल में पुलिस ने शव का पीएम करवाकर घरवालों को सुपुर्द कर दिया।
कोतवाल मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि दीपक की तहरीर पर डॉ. एके सिंह के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं राबर्ट्सगंज के दीपनगर निवासी डॉक्टर अशोक कुमार सिंह ने मृतका के बेटे दीपक प्रजापति, हरीलाल प्रजापति, डॉ. घनश्याम सिंह, बलवंत, बृजेश, नूरजहां, किस्मतिया और 10 से अधिक अज्ञात के खिलाफ तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है। कहा कि जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी।