आजमगढ़ में जहरीली शराब से हुई 17 लोगों की मौतों के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला भी हरकत में आया है। अपर पुलिस महानिदेशक ने जोन के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगोें के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाएं।
जो भी अवैध शराब कारोबार में लिप्त पाया जाए उसके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। इसमें शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मी विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जद मेें आएंगे।
अपर पुलिस महानिदेशक बी महापात्रा ने शनिवार को कहा कि जोन के 10 जिलों के प्रत्येक थाना क्षेत्र के थानेदार, बीट दरोगा और आरक्षी अवैध शराब कारोबार के संबंध में मुस्तैदी के साथ सूचनाएं संकलित करें।
छापेमारी कर ऐसे लोगों की धरपकड़ की जाए। क्षेत्राधिकारी मॉनीटरिंग करें कि उनके सर्किल के थानेदार, दरोगा और सिपाही अवैध शराब कारोबार से जुड़े आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सही कार्रवाई कर रहे हैं या खानापूर्ति की जा रही है।
इसके साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक औचक निरीक्षण कर अवैध शराब कारोबार के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की हकीकत देखें। एडीजी जोन ने कहा कि अवैध शराब कारोबार में यदि किसी पुलिसकर्मी या आबकारी विभाग के कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर हो तो उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए।
पीएम के आदर्श गांव से उठी शराबबंदी की मांग
नागेपुर में सड़क पर उतरीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव नागेपुर से शनिवार को प्रदेश में पूर्ण रूप से शराबबंदी की मांग उठी। गांव की महिलाओं ने आजमगढ़ में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर अफसोस जताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार से बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
महिलाओं ने लोगों को जागरूक करने के लिए गांव में रैली निकाली और धरना प्रदर्शन भी किया। नागेपुर में लोक समिति के तत्वाधान में प्रदेश में शराब बंदी की मांग को लेकर शनिवार को गांव की महिलाएं सड़क पर उतरीं।
हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लिए महिलाएं शराब पीना बंद करो, शराब बेचना बंद करो..., शराब माफिया होश में आओ..., शराब भगाओ प्रदेश बचाओ... जैसे नारे लगाते हुए बस्तियों में भ्रमण कर नंदघर पहुंची। यहां महिलाओं ने धरना प्रदर्शन कर शराब बिक्री के खिलाफ आवाज बुलंद की। गांव के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से शराब बिक्री बंद करने की मांग की।
महिलाओं कहना था कि प्रदेश में शराब माफि या लोगों को जहरीली शराब पिलाकर मार रहे हैं। दिन ब दिन समाज में नशेड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका खामियाजा महिलाओं और बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बलात्कार, मारपीट जैसी घटनाओं के लिए सबसे ज्यादा शराब जिम्मेदार है। आजमगढ़ में शराब पीने से जो लोग मरे हैं, उनके परिवार वालों को मुआवजा और आश्रित महिलाओं को सरकारी नौकरी देन की भी मांग उठाई।