आईएसआईएस के लिए नए लड़कों को तैयार कर उन्हें संगठन से जोडने वाले गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊ गांव निवासी अबूजैद की मुंबई हवाई अड्डे से गिरफ्तारी होने से जहां जिले का नाम पुन: सुर्खियों में आ गया। वहीं करीबियों की धड़कनें बढ़ गई है।
अबूजैद की गिरफ्तारी के बाद सक्रिय हुई तमाम खुफिया एजेंसियां इनका रिकार्ड खंगालने में जुट गई हैं। देश का भगौड़ा और मुंबई बमकांड का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम का आजमगढ़ से पुराना कनेक्शन रहा है।
उसके इस साजिश में सरायमीर कस्बा निवासी अबू सलेम और गंभीरपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव निवासी रियाज सिद्धीकी भी शामिल थे। यह दोनों दाउद के पुराने साथी रहे हैं। दाउद के इशारे पर ही यह लोग नए-नए लड़कों को अपनी गैंग से जोडने का काम करते थे।
इन्हीं लोगों के ठाडबाट को देखते हुए कई नए युवक भटक गए और समाजविरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर घटनाओं को अंजाम देने लगे। हालांकि इनकी पहचान न होने की वजह से मामला शांत रहा।
खुफिया विभाग रिकार्ड खंगालने में जुटा
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वर्ष 2008 में दिल्ली में हुई बाटला एनकाउंटर में आजमगढ़ के दो युवकों के मारे जाने और कईयों के फरार होने के बाद से मामला गरम रहा। अभी भी आजमगढ़ शहर के दो, सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव के पांच और इसी थाने के नंदाव गांव के दो संदिग्ध फरार हैं।
खुफिया विभाग को इनपुट मिला था कि यह सभी संदिग्ध नेपाल के रास्ते पाकिस्तान और वहां से इराक जाकर आईएसआईएस के लिए सीरिया में लड़ रहे थे। इनमें से एक बड़ा साजिद के मारे जाने की सूचना वर्ष 2016 में जरुर आई थी।
लेकिन किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की थी ना ही इनके घर वाले ही इसे स्वीकार किया। उनका कहना था कि जब तक लाश नहीं मिलेगी। कुछ नहीं कहा जा सकता। घर वालों की चुप्पी के बाद मामला जरुर शांत हो गया।
लेकिन यूपी एटीएस की टीम ने मुंबई हवाई अड्डे से गंभीरपुर थाना क्षेत्र के छाऊ गांव निवासी अबूजैद के गिरफ्तार करने से पुन: जिला सूर्खियों में आ गया। खुफिया विभाग के लोग अबूजैद सहित अन्य फरार आरोपियों के नात, रिश्तेदार और करीबियों का रिकार्ड खंगालने में जुट गई हैं।