पॉलीटेक्निक कॉलेज में हत्या का मामला
- फोटो : demo pic
मिर्जापुर पॉलीटेक्निक कालेज में 29 जनवरी की रात को चाकू मार कर की गई दसवीं के छात्र अभिषेक मौर्य की हत्या उसके मौसेरे भाई ने अपने एक साथी के साथ मिल कर की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों साइकल से फरार हो गए थे। हत्या का कारण एक ही लड़की से दोनों का संबंध होना बताया जा रहा है। आरोपियों के नाबालिग होने के कारण हत्या व साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें बाल सुधारगृह भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बुधवार को मीडिया को बताया कि अभिषेक मौर्य (16) के मौसा पड़री इलाके के भेवर करमनपुर के रहने वाले हैं। उनका बेटा कटरा कोतवाली क्षेत्र के जंगीरोड में रहता था। उसके साथ अभिषेक के गांव का एक लड़का भी रहता था। कुछ महीने पूर्व अभिषेक के मौसरे भाई की एक लड़की से मुलाकात हुई। वह उससे बातचीत करने लगा। मौसेरा भाई लड़की से मिलने के लिए अभिषेक को भी साथ ले जाता। जानपहचान बढ़ने के बाद अभिषेक से उस लड़की की फोन पर बातें होने लगीं। इसकी जानकारी होने पर उसके मौसरे भाई ने अभिषेक को उस लड़की से बात करने से मना किया। नहीं मानने पर अभिषेक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। आरोपी ने इस योजना में अपने साथी को भी शामिल कर लिया।
दोनों ने 29 जनवरी की रात अभिषेक को एक लड़की से मिलाने के लिए पॉलीटेक्निक परिसर में बुलाया। रात करीब नौ बजे सभी एक साथ बात करते हुए आईटीआई हास्टल के पीछे चले गए। उसके साथी ने अभिषेक को पकड़ लिया और मौसेरे भाई ने चाकु से सीने व पेट ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। जमीन पर गिरते ही पीठ व गुप्त अंगों पर भी वार किए। जब उसकी मौत हो गई तो वे वहां से भाग निकले।
दोनों हत्यारोपी कक्षा दस के छात्र हैं। मगर दोनों बेहद शातिर दिमाग हैं। हत्या के बाद मामले को भटकाने के उद्देश्य से दोनों ने अभिषेक के चाचा को फोन कर 20 लाख रुपये की मांग की थी। चाचा को धमकी भी दी थी। वे मोबाइल फोन का सिम बदल कर बातें करते थे। पुलिस ने ईएमआई नंबर से दोनों के मोबाइल को ट्रेस कर लिया और उन तक पहुंचने में कामयाब हो गई।