घर से स्कूल के लिए गुरुवार की सुबह निकली एक छात्रा की साइकल, दुपट्टा, किताबें और संग में खून से सना एक चाकू सरायलखंसी थाना क्षेत्र के रेकवारेडी गांव के पुलिया के निकट मिलने से क्षेत्र से सनसनी फैल गई।
छात्रा का पता न लगने और उसका सामान इस तरह मिलने की परिवारवालों की सूचना पर डॉग स्क्वायड सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इस बीच दोपहर बाद छात्रा घर लौट आई। उसने बताया कि उसे तीन लड़कियों ने डरा धमका कर अगवा कर लिया था बाद में छोड़ दिया।
पुलिस ने छात्रा के पिता की तहरीर पर तीन लड़कियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि छात्रा दस दिनों से स्कूल नहीं जा रही थी। एएसपी ने प्रथम दृष्टया मामले को संदिग्ध बताया है।
रेकवारेडीह स्थित एक विद्यालय में कक्षा 9 में पढ़ने वाली रानीपुर थाना क्षेत्र के मंसड़ी गांव निवासी छात्रा गुरुवार को सुबह 9 बजे घर से स्कूल के लिए निकली। एक घंटे बाद उसकी साइकल, दुपट्टा, किताबें और सब्जी काटने वाला खून लगा एक चाकू रेकवारेडीह स्थित पुलिया के निकट फेंके मिले।
गांव में चर्चा हुई तो छात्रा के घरवाले भी मौके पर पहुंचे और साइकल आदि से पहचान की। उसके संग अनहोनी की आशंका से परेशान घरवालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। एएसपी रवींद्र सिंह, सीओ सिटी, थानाध्यक्ष एवं डाग स्क्वायड मौके पर पहुंचा और सामानों को कब्जे में लिया।
तीन अज्ञात लड़कियों के खिलाफ मुकदमा
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि छात्रा दस दिनों से विद्यालय नहीं आ रही थी, जबकि वह घर से रोज स्कूल जाती थी। दिन में लगभग ढाई बजे छात्रा खुद घर पहुंच गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसे तीन लड़कियों ने रास्ते में रोका डरा धमकाकर अगवा कर लिया।
कहीं ले गई फिर कुछ घंटे बाद उसे छोड़ दिया। पुलिस के कई सवालों के जवाब वह नहीं दे पा रही थी। छात्रा के पिता की तहरीर और किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। किशोरी स्पष्ट बयान नहीं दे रही है। स्कूल से वह कई दिनों से गायब रह रही थी।
पुलिस उसके बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है। जल्द ही हकीकत का पता चल जाएगा।