कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के सर्जन डॉ. एमपी मिश्रा पर मरीजों से इलाज के नाम पर धन उगाही का आरोप सिद्ध होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
मरीज की शिकायत पर गठित सात सदस्यीय जांच कमेटी ने आरोपों को सही पाते हुए महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से सर्जन की सेवा समाप्ति की संस्तुति की है।
मंडलीय अस्पताल में आसपास के जिलों से भी सैकड़ों मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। यहां दवा, जांच आदि की सुविधाएं नि:शुल्क हैं। बीते एक मई को महिला फरीदा बेगम ने अस्पताल की एंटी करप्शन कमेटी को लिखित पत्र देकर सर्जन डॉ. एमपी मिश्रा के विरुद्ध इलाज के नाम पर धन उगाही की शिकायत कर जांच की मांग की थी।
महिला ने पूरे मामले की वीडियो क्लिप भी जांच टीम को सौंपी थी। एंटी करप्शन कमेटी के अध्यक्ष और अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. बीएन श्रीवास्तव ने बताया कि सीडी, प्रस्तुत साक्ष्य, ब्लड बैंक की रसीद आदि की जांच की गई, जिसके आधार पर डॉ. एमपी मिश्रा प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं।
इसके अलावा पूर्व में भी एक अधिवक्ता से 50 रुपये सर्जरी शुल्क की जगह पांच हजार की मांग करने, बाहर की जांच लिखने आदि को भी संज्ञान में लिया गया। महानिदेशक से डॉ. मिश्रा को एक माह का नोटिस देते हुए सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति भेज दी गई है।