राजकीय संप्रेक्षण गृह रामनगर से रविवार की रात एक किशोर कर्मचारियों को चकमा देकर भाग निकला। मामला सार्वजनिक होते ही संप्रेक्षण गृह के कर्मियों में हड़कंप मच गया।
आननफानन में वायरलेस सेट पर सूचना प्रसारित कर जिले भर की पुलिस को आगाह किया गया लेकिन देर रात तक किशोर का कहीं पता नहीं लगा। किशोर के भागने के संबंध में जिलाधिकारी और एसएसपी को भी सूचना दे दी गई है।
रामनगर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में बीते मार्च महीने में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोपों में गाजीपुर के नंदगंज क्षेत्र के किशोर को रखा गया था। बताया जाता है कि रविवार की रात आठ बजे के लगभग जब सभी किशोर खाना खा रहे थे तो वह बाउंड्री कूदकर भाग निकला।
भागा हुआ किशोर लाल रंग की टी-शर्ट और काले रंग का हाफ पैंट पहना हुआ था। इस संबंध में जिला प्रोबेशन अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक क्षमानाथ राय को निर्देशित किया गया है कि किशोर के भागने का एफआईआर रामनगर थाने में दर्ज कराएं।
इसके साथ ही जब किशोर भागा, उस समय ड्यूटी पर तैनात रहे सभी कर्मियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराएं। ड्यूटी पर तैनात रहे सभी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
संप्रेक्षण गृह के कर्मियों के खिलाफ हाल ही में हुई थी शिकायत
रामनगर स्थित संप्रेक्षण गृह के किशोरों ने 15 मई को पेशी के दौरान किशोर न्याय बोर्ड से शिकायत की थी कि वहां तैनात कर्मचारी अकसर बेवजह ही उनकी पिटाई करते हैं। कर्मचारियों के साथ मिलकर कुछ मनबढ़ किशोर भी उन्हें मारते हैं।
इस शिकायत पर किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य जागृति राही और मनोज कुमार ने संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक को पत्र लिखकर दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट देने का कहा था।