जौनपुर। नेवढ़िया के सैदूपुर में 22 वर्ष पूर्व प्रधानी के चुनाव में दो पक्षों में मारपीट एवं हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ ने एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा गुरुवार को सुनाई। वहीं अधिवक्ता बाले प्रसाद यादव समेत दो आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने क्रास केस में आठ आरोपियों को एक वर्ष कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। सैदूपुर निवासी श्रीनाथ ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अभियोजन के अनुसार वादी श्रीनाथ बीडीसी मेंबर के प्रत्याशी थे। उनके खिलाफ विनोद गुप्ता चुनाव लड़ रहे थे। हरिहर प्रधान पद के प्रत्याशी व अधिवक्ता बाले यादव प्रतिद्वंद्वी थे। 12 अप्रैल 1995 को मतदान के बाद शाम को वादी श्रीनाथ अपने चाचा शोभनाथ पटेल, प्यारेलाल, बांकेलाल हरिहर के साथ घर जा रहे थे। रास्ते में बाले यादव, जटाशंकर दुबे, गुलाब यादव व अन्य आरोपियों ने घेर लिया। बाले के ललकारने पर जटाशंकर ने शोभनाथ ने भाले से प्रहार किया जबकि अन्य आरोपियों ने ईंट पत्थर चलाए। वादी व अन्य को चोटें आईं। सदर अस्पताल पहुंचने पर शोभनाथ की मृत्यु हो गई। उधर अधिवक्ता बाले यादव ने भी धारा 156(3) के तहत श्रीनाथ समेत 10 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। तहरीर में कहा कि 12 अप्रैल 1995 को शाम 6:30 बजे चुनाव के बाद आरोपी लाठी, बल्लम ,गड़ासा, ईंट लेकर निर्वाचन स्थल सैदूपुर पाठशाला पहुंच गए। मतपेटिका लूटने की नीयत से स्कूल का दरवाजा तोड़ आए। गालियां दी, मारापीटा और ईट पत्थर चलाए। जान से मारने की धमकी दी। वादी प्रधानी का चुनाव जीत गया। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की। एडीजीसी प्रकाश मिश्र व प्रशांत पंकज श्रीवास्तव ने मूल केस में एवं एडीजीसी अली अरशद व ज्ञानेंद्र सिंह ने क्रास केस में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुनाया।