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दिन बहुरने के इंतजार में काशी रेलवे स्टेशन

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वाराणसी। शहर में कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें मंडुवाडीह और कैंट रेलवे स्टेशन का बदला हुआ रूप शहर के बाहर से आने वालों को खूब भा रहा है, लेकिन बनारस में एक ऐसा भी रेलवे स्टेशन भी जो बदहाल है। काशी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है और स्टेशन के आसपास का हिस्सा नशेड़ी व अवांछनीय तत्वों का अड्डा बना हुआ है।
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मुगलसराय से बनारस के लिए आने वाले रेल यात्री काशी रेलवे स्टेशन से होकर ही आगे बढ़ते हैं। 1942 में बनाए गए काशी रेलवे स्टेशन की शुरुआत सिंगल लाइन से हुई थी। ट्रेनें यहीं आकर रुक जाती थीं। धीरे-धीरे काशी स्टेशन की उपयोगिता बढ़ती गई। मौजूदा समय में चार प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन पर प्रतिदिन 11 मेल और पांच पैसेंजर ट्रेनें रुकती है। यहां से प्रतिदिन करीब 900 से एक हजार यात्रियों का आवागमन होता है। पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल काशी रेलवे स्टेशन मौजूदा समय में बदहाली का शिकार है। रेलवे स्टेशन के आगे जहां ऑटो और ई रिक्शा वाले जमावड़ा लगाए रहते हैं ,वहीं स्टेशन के पीछे स्थित माल गोदाम नशेड़ी और अवांछित तत्वों का अड्डा है। खास यह कि रेलवे स्टेशन पर ही जीआरपी और आरपीएफ की चौकी है लेकिन रेलवे की दोनों ही फोर्स दिन भर हाथ पर हाथ रख कर बैठी रहती है। लाइट जाने के बाद रेलले स्टेशन पर मात्र एक जनरेटर के भरोसे उजाला रहता है, लेकिन उसमें खराबी आने के बाद या डीजल न होने पर स्टेशन अंधेरे में डूब जाता है। रात 10 बजे के बाद स्टेशन पर आने जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रांसपोर्ट की भी कोई सुविधा नहीं रहती है।
काशी रेलवे स्टेशन से महज 300 मीटर की दूरी पर जहां गंगा हैं, वहीं स्टेशन तक बड़े वाहन भी आसानी से पहुंच सकते हैं। यूपी में दूसरा कोई भी ऐसा रेलवे स्टेशन नहीं है, जहां पर ये तीन सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों। इंटर मॉडल स्टेशन के ब्लू प्रिंट के मुताबिक यहां ट्रेनों के ठहराव के साथ जलपोत और बस अड्डा का निर्माण किया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रेलवे की जमीन के अलावा आस-पास की जमीनों को अधिग्रहित कर पांच सितारा होटल, मॉल, शॉपिंग कंपलेक्स, रेस्टोरेंट बनाने की योजना है।
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भारत में नागपुर के अलावा काशी रेलवे स्टेशन को इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है। काशी रेलवे स्टेशन को इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन बनाने के लिए तीन निजी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए पहले चरण में रेलवे स्टेशन के अगल-बगल की जमीनों की पैमाइश एनएचआई और महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के इंजीनियरों के द्वारा की जा चुकी है। रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही कंपनियों के द्वारा काशी रेलवे स्टेशन इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में तैयार करने की दिशा में कार्य योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
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