वाराणसी। स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ने के बाद भी बनारस के अधिकारियों ने इससे कोई सबक नहीं लिया है। निगम की लापरवाही से होलिका दहन के पांच दिन बीतने के बाद भी राख और गंदगी सड़क के चौराहों और गलियों में पड़ी हुई है। त्योहारों के बाद बनारस की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाती है। स्वच्छता सर्वे के दौरान बनारस की जनता ने फीडबैक सर्वे में इस बात का भी जिक्र किया था और इसमें बनारस को सबसे कम अंक मिले थे।
नरिया तिराहा, रवींद्रपुरी, भारत माता मंदिर, जेपी मेहता क्षेत्र की सड़कों पर होलिका की राख अब भी बिखरी पड़ी है। कई जगहों पर तो होलिका की लकड़ियां सुलग रही हैं। इससे हादसे का डर बना हुआ है, वहीं राख उड़ने से राहगीरों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। पांच दिनों के बाद कई इलाकों में सफाई कर्मियों ने कूड़े का उठान तो किया लेकिन होलिका की राख को यथावत छोड़ दिया गया है। पांच दिन पहले जिले भर में 22 सौ से ज्यादा जगहों पर होलिका दहन किया गया था। उसके बाद छुट्टी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण राख और लकड़ियां सड़कों और चौराहों पर जस की तस पड़ी हैं। रोजाना छह सौ मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है लेकिन होली के बाद से चार हजार मीट्रिक टन से अधिक कूड़ा शहर की सड़कों और गलियों में पड़ा हुआ है। इसकी सफाई करने में निगम को तीन दिन से अधिक का समय लगेगा। सोमवार से कूड़े का उठान शुरू हुआ है।