वाराणसी। लोन पर लिए गए वाहनों की किश्त न जमा होने पर उन्हें सीज करने का काम करने वाले युवाओं की जान-पहचान हाईवे पर गांजा की तस्करी करने वालों से हो गई। इसके बाद कम समय में ज्यादा पैसा कमाने का चस्का लगा तो सभी खुद का गिरोह बना कर एसयूवी वाहनों से गांजा की तस्करी करने लगे। क्राइम ब्रांच और लोहता पुलिस की संयुक्त टीम ने अकेलवा चौराहा से गुरुवार को इस गिरोह के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया जबकि तीन चकमा देकर भाग निकले।
तीनोें के पास से पुलिस ने 230 किलोग्राम गांजा, तीन कार और पांच मोबाइल बरामद कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई को डीजीपी ओपी सिंह ने गुरुवार की प्रदेश भर की पुलिस की कार्रवाई में पहला स्थान दिया। गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त रोहनिया थाना के बूढ़ापुर के राहुल सिंह उर्फ उदय, मोहनसराय के अंकित श्रीवास्तव और मिर्जापुर के चुनार थाना के फुलहा गांव के संतोष सिंह के तौर पर हुई है। वहीं, मौके से भाग निकलने वाले तीन टकटकपुर का मनीष सिंह, मढ़ौली का अशोक राजभर और सामने घाट का राजू जायसवाल बताए गए हैं।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और लोहता एसओ राकेश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ गुरुवार की भोर में अकेलवा चौराहा स्थित पुलिस बैरियर पर वाहन चेक कर रहे थे। इस दौरान गंगापुर की ओर से आ रही तीन कार रुकवाने का इशारा किया गया तो चालकों ने पुलिस टीम को कुचल कर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने पीछा कर तीन को गिरफ्तार किया जबकि तीन भाग निकले।
तीनोें आरोपियों ने बताया कि हाईवे पर वाहन सीज करने के दौरान वो कभी-कभार मादक पदार्थों से लदे वाहन भी पकड़ लेते थे और पुलिस को सूचना दे देते थे। इससे सभी की जान-पहचान पुलिस से अच्छी थी। इसी दौरान मादक पदार्थों के तस्करों से करीबी बढ़ी तो वाराणसी और आसपास के जिलों में गांजा की खेप पहुंचाने लगे। चेकिंग होने पर पुलिस से जान-पहचान काम आ जाती थ्री।
एसएसपी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह पुलिस की बड़ी कार्रवाई है। कार्रवाई में शामिल क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसओ लोहता राकेश कुमार सिंह, एसआई प्रदीप यादव, सुमंत सिंह, पुनदेव सिंह, सुरेंद्र मौर्य, रामभवन यादव, घनश्याम वर्मा, कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामबाबू को आईजी रेंज और एडीजी जोन से पुरस्कृत कराने की संस्तुति की जाएगी।