जेल की दीवार में चोरों ने बनाया रास्ता
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आजमगढ़ नगर कोतवाली से मात्र सौ मीटर की दूरी पर स्थित पुरानी जेल में चोरों ने सेंध लगा दी। हालांकि चोर क्या ले गए हैं, यह अभी पता नहीं चल सका है। इस मामले में कोई सूचना भी पुलिस को नहीं दी गई है।
लगभग नौ माह पूर्व पुरानी जेल से कैदियों को शिफ्ट कर जेल के गेट पर ताला बंद कर दिया गया था। इसके बाद इसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। चोरों ने इसका फायदा उठाया और इसमें आने-जाने के लिए दीवार में सेंधमारी कर दी।
जेल के अंदर स्थित कई खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। बताते चलें कि 185 साल पहले में आजमगढ़ जिले की स्थापना हुई तो नगर कोतवाली से सटे ही जिला कारागार का निर्माण कराया गया है। कई साल तक कैदियों का बोझ उठाने के बाद जब यह मंडल कारागार जीर्णशीर्ण हालत में पहुंच गया। तो इसके स्थान पर नया कारागार बनाने की मांग की जाने लगी।
प्रदेश में 2012 में सपा की सरकार बनी तो चंडेश्वर के पास इटौरा में 115 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक जिला कारागार का निर्माण कराया गया। निर्माण पूरा होने के बाद 2016 में कैदियों को नई जेल में शिफ्ट कर दिया गया।
कैदियों के हटने के बाद पुरानी जेल को बंद कर दिया गया। सामाजिक संगठनों ने इस जमीन पर पार्क बनाने की मांग शुरू कर दी। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने भी पुराने मंडल कारागार की जमीन पर पार्क बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया।
वर्तमान में इस जमीन पर पार्क बनाने की अनुमति मिलने के साथ ही कुछ पैसा भी नगरपालिका को आवंटित हो चुका है। लेकिन दुखद तो यह है कि कार्यदायी संस्था नगरपालिका को अभी तक भूमि का हस्तांतरण ही नहीं किया गया। जेल में प्रशासन का ताला बंद है लेकिन चोरों ने इसमें सेंध लगा दी है।
अब इसके खिड़की और दरवाजे पर चोरों की नजर है। कई खिड़कियों और दरवाजों पर चोरों ने अपना हाथ साफ कर दिया है। वहीं नगर कोतवाली से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित मंडल कारागार में हुई इस सेंधमारी की जानकारी नगर कोतवाली पुलिस को भी नहीं है।