बरसठी। रामपुर थाना क्षेत्र के गोपालापुर तिराहे पर शनिवार की रात पूर्व जिला पंचायत सदस्य तौहीद आलम को गोली मारनेवालों का पता पुलिस दूसरे दिन भी नहीं लगा पाई। इससे नाराज ग्रामीणों ने रविवार की सुबह आठ बजे गोपालापुर बाजार में जमालापुर-बधवा मार्ग पर जाम लगा दिया। बाजार में पहले से फोर्स तैनात थी लेकिन भारी भीड़ के आगे वह बेबस ही दिखी। सीओ और एसडीएम ने छह घंटे के भीतर हमलावरों की गिरफ्तारी का भरोसा देकर दस बजे जाम समाप्त करवाया। उधर, वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती तौहीद आलम की हालत नाजुक बनी हुई है। घरवाले अस्पताल में ही हैं, इससे अभी तक पुलिस को तहरीर भी नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर बाजार में दो प्लाटून पीएसी और कई थानों की पुलिस तैनात की गई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य तौहीद आलम को गोली मारने को लेकर हुए तनाव को देखते हुए गोपालापुर बाजार में फोर्स शनिवार की रात से ही तैनात थी। रविवार को सीओ भी बाजार में ही कैंप कर रहे थे कि तभी करीब 8:30 बजे बड़ी संख्या में लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। जाम कर रहे लोगों की मांग थी कि हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, पिछले दिनों हुई छेड़खानी के मामले में गलत तरीके से फंसाए गए युवकों पर से मुकदमा वापस लिया जाए और थानेदार को निलंबित किया जाए। ग्रामीणों का आरोप था कि जब तौहीद आलम को गोली मारी गई वहां से थोड़ी ही दूर पर थानाध्यक्ष हमराहियों के साथ खड़े थे। वह चाहते तो बदमाश पकड़े जा सकते थे लेकिन उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। सीओ रामभवन यादव के समझाने पर करीब डेढ़ घंटे बाद दस बजे जाम समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्दी ही बदमाश पकड़े नहीं गए तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगे। एहतियात के तौर पर गोपालापुर बाजार, भाऊपुर गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सीओ खुद फोर्स के साथ इलाके में चक्रमण कर रहे हैं।