वाराणसी। सतीश के भाई मनीष राय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पांच माह बाद सवालों के घेरे वाला खुलासा करने की भला क्या जरूरत थी। इसके साथ ही एसपी क्राइम से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराते हुए मांग की है कि सतीश की हत्या का सही खुलासा किया जाए।
मनीष ने कहा कि पुलिस ने दोनों आरोपियों से उनकी बात कराई। दोनों पुलिस के दबाव पर बताने लगे कि छह अक्तूबर को कहासुनी हुई थी। पांच महीने पहले हुई कहासुनी की तिथि किसे याद रहती है। इसके बाद पुलिस ने कभी 12 लाख तो कभी 50 लाख की सुपारी लेकर हत्या किया जाना बताया। हत्या का कारण पूछे जाने पर कहा गया कि आप सहयोग नहीं कर रहे हैं। मनीष ने बताया कि चेतगंज इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि सीसी फुटेज में आरोपियों की तस्वीर कैद है तो उन्होंने देखने की मांग की लेकिन उन्हें दिखाया नहीं गया। मनीष के अनुसार दोनों आरोपियों ने उनसे बताया कि उन्होंने जब सतीश को गोली मारी तो वो फोटोकॉपी कर रहे थे। जबकि, वो मौके पर भाग कर आए तो सतीश के मोबाइल पर वीडियो गेम चल रहा था। इसका मतलब है कि सतीश गेम खेल रहे थे। उधर, आरोपी लालू के पिता दया ने अपने बेटे को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस उसके घर में शुक्रवार को दरवाजा तोड़ कर घुसी। इस दौरान घर से पांच मोबाइल और एक बाइक भी पुलिस साथ ले गई।