वाराणसी। नदेसर क्षेत्र की युवती की मां का क्रेडिट कार्ड आया। उसके अगले दिन ही उनकी मां के मोबाइल पर एक युवती कॉल की और खुद को क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी की अधिकारी बताकर उससे संबंधित पूरा विवरण ली। थोड़ी देर बाद पता लगा कि उनके कार्ड से 16 हजार से ज्यादा की खरीदारी कर ली गई है। लंका क्षेत्र के युवक को एक युवती फोन कर खुद को एचडीएफसी की अफसर बताई। युवक को बैंक द्वारा जारी डेबिट कार्ड पर खरीदारी के लुभावने ऑफर बताते हुए उससे बैंक खाते से संबंधित जानकारी ली और 25 हजार की चपत लगा दी।
साइबर जालसाजों ने अब ऑनलाइन जालसाजी का तरीका बदल दिया है। इन दिनों जो भी लोग ऑनलाइन जालसाजी का शिकार हो रहे हैं, उनमें से ज्यादातर लोगों के पास युवतियोें के फोन आए थे। फर्जी नाम और पते पर लिए गए सिम से कॉल कर जालसाज युवतियां बातचीत कर तगड़ी चपत लगा देती हैं। इस संबंध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि फोन करके या मेसेज भेज कर कोई बैंक या एटीएम संबंधी कुछ भी बात करे तो हमें तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए। ध्यान देने की बात है कि कोई भी बैंक या फाइनेंस कंपनी कभी फोन कर अपने खाताधारक से उसके खाते संबंधी कोई जानकारी नहीं मांगता है।
साइबर थाना खुला लेकिन जनोपयोगी नहीं
बीते अगस्त महीने में सारनाथ में साइबर थाना खोला गया, लेकिन उसका कोई फायदा जिले के लोगों को अब तक मिलते हुए नहीं दिखा। साइबर थाना प्रभारी राहुल शुक्ला के अनुसार, अब तक आठ मामले पंजीकृत किए गए हैं। सभी की तफ्तीश चल रही है। गौरतलब है कि साइबर थाने की स्थापना इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि साइबर क्राइम से संबंधित प्रकरणों का त्वरित गति से निस्तारण होगा। हालांकि साइबर थाने की स्थापना से लेकर अब तक ऐसी कोई उल्लेखनीय उपलब्धि सामने नहीं आई है, जिसे लेकर पुलिस की वाहवाही की जा सके।