वाराणसी। अर्दली बाजार क्षेत्र के महावीर ग्रीन अपार्टमेंट की लिफ्ट के दरवाजे में फंसने से सोनू उर्फ बग्गा उर्फ छोटू (10) की मौत के बाद उसका शव लेकर भागने के आरोपी डॉ. शिवेश जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि छोटू का शव पुलिस नहीं बरामद कर सकी। गिरफ्तार होने से पहले दीनदयाल उपाध्याय राजकीय जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. शिवेश ने छोेटू के मां-बाप को रुपये देकर उसका शव राजघाट से गंगा में प्रवाहित करा दिया था।
उधर, छोटू के मां-बाप के तहरीर न देने पर पुलिस ने अपनी ओर से कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को डॉ. शिवेश को अदालत में पेश किया। देरी से अदालत पहुंचने के कारण डॉ. शिवेश को जेल नहीं भेजा जा सका और पुलिस उसे वापस कैंट थाने ले आई। गुरुवार को डॉ. शिवेश को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।
कैंट थाना अंतर्गत अर्दली बाजार के महावीर मंदिर क्षेत्र स्थित महावीर ग्रीन अपार्टमेंट में डॉ. शिवेश परिवार के साथ रहते हैं। डॉ. शिवेश के घर में फिरोजाबाद के मूल निवासी और लक्ष्मणपुर में रहकर मजदूरी करने वाले शशि कुमार व उर्मिला का बेटा छोटू काम करता था। मंगलवार की शाम डॉ. शिवेश के बच्चे को लेकर छोटू लिफ्ट से उनके फ्लैट में जा रहा था। इसी दौरान वह लिफ्ट में फंस कर घायल हो गया तो उसे दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया।
रात 8:30 बजे के लगभग छोटू के बेहतर उपचार की बात कह कर उसके मां-बाप के साथ डॉ. शिवेश अस्पताल से निकला। इसके बाद उसका कहीं पता नहीं लगा और रात एक बजे मकबूल आलम रोड स्थित अपने पिता के घर पर मिला। इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि डॉ. शिवेश बच्चे को दीनदयाल अस्पताल से अपने पिता के पांडेयपुर स्थित अस्पताल ले गया था। वहां बच्चे की मौत हो गई तो शव गंगा में प्रवाहित करने के लिए मां-बाप को सौंप कर अपने पिता के मकबूल आलम रोड स्थित घर चला गया। डॉ. शिवेश के खिलाफ बाल श्रम और लोकसेवक होकर शव को छुपाने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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सोसायटी के अध्यक्ष और बिल्डर से पुलिस करेगी पूछताछ
इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि मुकदमे की विवेचना के दौरान महावीर ग्रीन अपार्टमेंट के बिल्डर और सोसायटी के अध्यक्ष से पूछताछ की जाएगी। उनसे जानकारी ली जाएगी कि आखिर लिफ्ट का रखरखाव किस तरीके से किया जा रहा था कि दुर्घटना हुई। पूरे प्रकरण में बिल्डर और सोसायटी से क्या चूक हुई। फिलहाल लिफ्ट से आवागमन बंद करा कर पुलिस तैनात कर दी गई है। उधर, महावीर ग्रीन अपार्टमेंट सोसायटी के अध्यक्ष प्रकाश चौबे ने बताया कि बच्चा लिफ्ट में कैसे फंसा, यह समझ में नहीं आ रहा है। लिफ्ट से संबंधित कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया था और खामी को दुरुस्त कराया जाएगा।
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घर में पसरा सन्नाटा, लोगों ने कहा - खुद मोल ली आफत
डॉ. शिवेश की गिरफ्तारी के बाद मकबूल आलम रोड स्थित उनके पैतृक आवास और महावीर ग्रीन अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर सन्नाटा पसरा रहा। डॉ. शिवेश की पत्नी और पिता ने उनकी गिरफ्तारी के संबंध में किसी से बातचीत नहीं की। वहीं, अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना था कि डॉ. शिवेश ने खुद बड़ी गलती की। उन्हें पुलिस को तत्काल सूचना देना चाहिए था और जांच में सहयोग करना चाहिए था। बच्चे की मौत के बाद पोस्टमार्टम के बगैर शव को गंगा में प्रवाहित करा कर उन्होंने खुद आफत मोल ली है।