छात्र का निजी अंग जलाने वाली शिक्षिका पर बढ़ी पॉक्सो एक्ट की धारा, हिरासत में ले सकती है पुलिस
अकथा के काशी इन्क्लेव स्थित सोरेन सोनी स्कूल में प्ले ग्रुप के छात्र का निजी अंग गर्म चाकू से जलाने के मामले में लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका पर पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी हैं। सोमवार को एडीसीपी वरुणा लिपि नगायच, एसीपी कैंट समेत पुलिस टीम ने पीड़ित छात्र, स्कूल की प्रिंसिपल, शिक्षिका और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
पुलिस ने स्कूल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली और उस किचन का निरीक्षण किया, जहां छात्र को करीब दो मिनट के लिए ले जाया गया था। पॉक्सो की धाराएं बढ़ाए जाने के बाद मंगलवार को पुलिस आरोपी शिक्षिका प्रीति कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है। लालपुर-पांडेयपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने स्कूल की प्रिंसिपल हेमलता सिंह, शिक्षिका और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है। पीड़ित छात्र और उसके परिजनों के भी बयान दर्ज किए गए हैं। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का कई बार परीक्षण किया गया है।
मामले में शिक्षिका प्रीति कुशवाहा पर पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गई हैं। संभव है कि मंगलवार को उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।उधर, खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अखिलेश यादव ने भी स्कूल की प्रिंसिपल और शिक्षिका से पूछताछ की है। वह अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को सौंपेंगे। अकथा निवासी पीड़ित छात्र के अधिवक्ता पिता ने 24 जुलाई को लालपुर-पांडेयपुर थाने में स्कूल के अज्ञात प्रबंधक, प्रिंसिपल हेमलता सिंह और शिक्षिका प्रीति कुशवाहा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पिता का आरोप है कि बच्चे को बाथरूम जाने से रोका गया। जब उसने पैंट में पेशाब कर दिया तो शिक्षिका उसे किचन में ले गईं और लाइटर से चाकू गर्म कर उसके निजी अंग को जला दिया। इसके बाद बच्चे का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार कराया गया।
हाईटेक नकल गिरोह के आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज हुईं
प्रतियोगी परीक्षाओं में ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले सॉल्वर गिरोह के आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सत्र न्यायाधीश सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने सभी आरोपियों की प्रथम जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।अदालत ने कहा कि बेरोजगारी के दौर में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता से खिलवाड़ गंभीर सामाजिक अपराध है। सॉल्वर गिरोह और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल कराना परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने जमानत देने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया। इसके बाद सभी संबंधित आरोपियों की प्रथम जमानत अर्जियां निरस्त कर दी गईं। यह मामला उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था।पुलिस ने 12 जुलाई को हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में परीक्षा के दौरान धर्मेंद्र कुमार को नकल करते हुए पकड़ा था। उसके बनियान से इलेक्ट्रॉनिक सिम डिवाइस, माइक्रो ईयरपीस और वोडाफोन का सिम कार्ड बरामद हुआ था। एक अन्य मामले में सहायक बोरिंग तकनीशियन की परीक्षा के दौरान अनिल कुमार गौतम को पकड़ा गया। उसके कान से ब्लूटूथ डिवाइस और अंडरगारमेंट में छिपा रिसीवर बरामद हुआ।