वाराणसी। चौकाघाट में डबल मर्डर के सूत्रधार माने जा रहे विवेक सिंह कट्टा के जौनपुर में समर्पण के बाद पुलिस इस वारदात को लेकर एक बार फिर सक्रिय हुई है। बुधवार को वारदात में शामिल चार लोगों पर एसएसपी की ओर से 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर अब भी चिह्नित नहीं किए जा सके हैं। वहीं, कट्टा के समर्पण के बाद पुलिस टीमें बड़ागांव क्षेत्र, जौनपुर और आजमगढ़ के 17 लोगों से नए सिरे से पूछताछ कर दबिश दे रही हैं।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वारदात में विवेक के अलावा शामिल चार अन्य लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। चारों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। चारों की शिनाख्त बड़ागांव थाना के सेमरी निवासी हेमंत सिंह, आजमगढ़ के मेहनगर थाना के जियासड़ के मूल निवासी और वाराणसी के पहड़िया क्षेत्र की अशोक विहार फेज-1 कॉलोनी में रहने वाले रवि प्रताप सिंह उर्फ सम्मी, जौनपुर के लाइन बाजार थाना के कुद्दूपुर निवासी अतुल विश्वकर्मा और जौनपुर के केराकत थाना के पहाड़ी पट्टी निवासी विजेंद्र सिंह उर्फ बब्बू के तौर पर हुई है। चारों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और जैतपुरा थाने की पुलिस की चार टीम गठित की गई हैं।
बीती 28 अगस्त को जैतपुरा थाने के चौकाघाट स्थित कालीजी मंदिर के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार कर कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह प्रिंस सहित दो लोगों की हत्या कर दी थी। प्रिंस के एक दोस्त की हत्या का प्रयास भी किया गया था। पुलिस के अनुसार, जौनपुर जिले के जलालपुर थाने के लोहगाजर के मूल निवासी विवेक सिंह कट्टा ने प्रिंस की हत्या कराकर पुरानी रंजिश का बदला लिया है। बीती 14 सितंबर को विवेक सिंह कट्टा जौनपुर की अदालत में एक पुराने मामले में समर्पण कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल चला गया था। अदलात की अनुमति से कट्टा को पुलिस जल्द ही बनारस लाकर वारदात के संबंध में पूछताछ की तैयारी में है।
जिन पर इनाम घोषित हुआ वह शूटरों
को बता रहे थे प्रिंस की लोकेशन
पुलिस के अनुसार, जिन चारों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ है, वह सभी वारदात के दिन प्रिंस के घर से लेकर घटनास्थल के बीच अलग-अलग जगह मौजूद थे। वे शूटरों को प्रिंस की लोकेशन की जानकारी दे रहे थे। ये चारों शूटरों से भलीभांति वाकिफ हैं और वारदात की साजिश रचने में इन चारों के अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस का मानना है कि वारदात की साजिश जौनपुर में ही रची गई और शूटरों को बनारस बुलाकर सारनाथ क्षेत्र में ठहराया गया था। पहले प्रिंस के घर की रेकी कराई गई और फिर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार शूटरों के पीछे एक कार चल रही थी। उसका राज भी जल्द ही उजागर किया जाएगा।