वाराणसी। एमएलसी चंचल सिंह, उनके पिता पूर्व एमएलसी राजदेव सिंह और पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल सहित अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोपों में शिवपुर थाने में दर्ज मुकदमे की फिर विवेचना होगी। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट षष्टम नेहा रूंगटा की अदालत ने दिया है। आदेश के मुताबिक प्रकरण गंभीर प्रकृति का है और विवेचना सरसरी तौर पर की गई है। ऐसे में विवेचक द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट स्वीकार किए जाने का औचित्य नहीं है। इसलिए अंतिम रिपोर्ट निरस्त की जाती है और फिर विवेचना की जाए।
शिवपुर स्थित वीडीए कॉलोनी निवासी राकेश न्यायिक के अनुसार तीन मार्च 2011 को उन पर जानलेवा हमला किया गया था। उस दौरान पूर्व एमएलसी राजदेव सिंह बेटे चंचल और भाई देवेंद्र, इनामी बदमाश विश्वास नेपाली और अन्य के साथ मौजूद थे। गोली चलने की आवाज सुन कर न्यायिक घर में छुप गए थे। तत्कालीन एसएसपी को प्रार्थना पत्र देने पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायिक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट के आदेश पर शिवपुर थाने में राजदेव सिंह, उनके भाई देवेंद्र व पुत्र चंचल, इनामी नेपाली, ऋषि पंडित, बच्चा यादव के खिलाफ तीन नवंबर 2012 को शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में पूर्व सांसद जवाहर लाल जायसवाल, विजय जायसवाल और मुन्ना बजरंगी को षड्यंत्रकारी के तौर पर आरोपी बनाया गया। विवेचक द्वारा अदालत में दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट के विरोध में छह मार्च 2019 को न्यायिक ने शपथ पत्र देकर उसे निरस्त करने की मांग की। इस पर अदालत ने अग्रेतर विवेचना का आदेश दिया।
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