यहां चार साल अभ्यास के दौरान 2013 में अंडर 19 इंडिया टीम में पहली बार खेला। इसके बाद केनरा बैंक में नौकरी लगने के बाद चार साल तक केनरा बैंक की ओर से खेला। वर्ष 2021 में बैंक की नौकरी छोड़कर रेलवे की ओर से खेलना शुरू किया।
33वां फर्स्ट-क्लास मुकाबला खेल रहे सैफ इस फॉर्मेट में दो हजार से अधिक रन बना चुके हैं। उन्होंने अब तक पांच शतक और 11 अर्धशतक लगाए हैं। रेलवे ने शून्य के स्कोर पर पहला और 14 के स्कोर पर दूसरा विकेट गंवाया था। 136 रनों तक उनके पांच विकेट गिर चुके थे, लेकिन सैफ ने एक छोर संभाले रखा। दूसरे छोर से विकेट गिर रहे होने के बावजूद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। सैफ के बाद दूसरा सर्वोच्च स्कोर केवल 32 रनों का रहा।
प्रशिक्षक अमल चतुर्वेदी ने बताया कि सैफ बेहतर बल्लेबाज है। शुरुआती प्रदर्शन अच्छा था जिसकी बदौलत सैफ एक साल अंडर-16 में धोनी फाउंडेशन की ओर से भी खेला। अंगुली में चोट लगने के कारण दो बार रणजी ट्राफी में अच्छा प्रदर्शन न होने काफी पीछे रह गए। अब भारतीय रेलवे की ओर से शानदार प्रदर्शन कर काशी का मान बढ़ाया है।
पांडेयपुर में फ्लैक्स प्रिंटिंग का काम करने वाले मोहम्मद खुर्शीद ने बताया कि चार बच्चों में सबसे बडे़ सैफ रेलवे की ओर से खेलकर काशी का मान बढ़ा रहे हैं। इसको लेकर घर में खुशी का माहौल है। जबकि दूसरे बेटे मो. जैद भी यूपी टीम की ओर अंडर-14 अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।