वाराणसी-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संदहां चौराहे से चौबेपुर तक जगह-जगह गड्ढे और बड़ी-बड़ी दरारें बन गई हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं, सड़क किनारे जमा कूड़े-कचरे से उठने वाली दुर्गंध भी राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण जगह-जगह दरारें और गड्ढे बन गए हैं। इस मार्ग से बड़े वाहनों के साथ ही बाइक और साइकिल सवारों का भी आवागमन होता है। इनमें किसान, छात्र-छात्राएं और अन्य राहगीर शामिल हैं। सड़क के गड्ढों और दरारों में पहिये पड़ने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
वाराणसी-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग
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सड़क किनारे कूड़े से भी परेशानी
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जगह-जगह कूड़ा-कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वाहनों के गुजरने के दौरान सड़क किनारे पड़ा कूड़ा उड़कर राहगीरों तक पहुंचता है। इससे आवागमन करने वालों को परेशानी होती है। लोगों ने सड़क की खराब हालत के साथ ही कूड़े की नियमित सफाई कराने की मांग की है।
खराब लाइटें और संकेतकों की कमी पर उठाए सवाल
स्थानीय निवासी जवाहर, अरुण चौरसिया, बीरेंद्र यादव और चुल्लू ने बताया कि हाईवे पर गड्ढों, कूड़े-कचरे, खराब लाइटों और संकेतकों की कमी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सड़क की मरम्मत, लाइटों और संकेतकों की व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए, ताकि हादसों की आशंका कम हो सके।
इस संबंध में कंसल्टिंग इंजीनियर सत्यम दीक्षित ने बताया कि उन्हें समस्या की जानकारी मिली है और वह इसकी जांच करवाएंगे।