किशोरी के साथ बलात्कार का आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने शिक्षक को 12 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास का फैसला दिया। जबकि जुर्माने की धनराशि से 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का निर्देश दिया।
चंदौली अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। वर्ष 2014 में पंडित दीनदयालनगर (मुगलसराय) की एक किशोरी नगर के एक निजी विद्यालय में पढ़ती थी। इसी स्कूल में मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र के डेढ़वना ग्राम निवासी इसरत अली उर्फ मोनू विज्ञान का शिक्षक था।
उसी दौरान किशोरी की जान पहचान हो गई। आरोप है कि 14 जून 2014 की शाम करीब पांच बजे किशोरी घर से कंप्यूटर कोर्स करने के लिए निकली। लेकिन घर वापस नहीं आई। परिजनों ने काफी खोजबीन की। इसके बाद 21 जून को मुगलसराय कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।