वाराणसी। फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति अब्दुल मन्नान शेख को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने पैरवी की। अभियोजन के अनुसार, फूलपुर निवासी हैदर अली ने 22 अगस्त 2018 को फूलपुर थाने में केस दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री शबनम का निकाह सिंधौरा बाजार निवासी अब्दुल मन्नान शेख से हुआ था। आरोप था कि विवाह के कुछ समय बाद पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोग एक लाख रुपये की मांग को लेकर शबनम को प्रताड़ित करने लगे। 11 अगस्त 2018 को दहेज की मांग पूरी न होने पर शबनम की हत्या कर उसे दफना दिया गया। दस दिन बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे सिद्ध न मानते हुए आरोपी अब्दुल मन्नान शेख को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। संवाद