इसके बाद जान से मरने की नीयत से गोली चलाने लगे और उनके वाहन के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी। सरेराह फायरिंग से बाजार में भगदड़ मच गई। लोग डर कर इधर-उधर भागने लगे और दुकानें बंद होने लगी। इस हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह, गनर बासुदेव पांडेय व ड्राइवर दिनेश गुप्ता घायल हुए थे।
पुलिस के आने पर अभय सिंह अपने साथियों के साथ मौके से भाग निकले। इस मामले में धनंजय सिंह ने कैंट थाने में अभय सिंह समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।