अर्जी पर बचाव पक्ष और एडीजीसी फौजदारी के तर्कों को सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी की जमानत इस शर्त पर स्वीकार हुई कि वह पौधरोपण करेगा। एडीजे ने अपने आदेश में लिखा कि आरोपी साक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेगा, जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा साथ ही जेल से छूटने के तीस दिन के अंदर कम से कम दस पौधा लगाकर ग्राम प्रधान के प्रमाण पत्र के साथ न्यायालय को सूचित करेगा। अगर इसमें चूक करता है तो उसकी जमानत निरस्त कर दी जाएगी।