विनय से मिली जानकारी के आधार पर ही लखनऊ स्थित कूरियर कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा गया। तलाशी में दो करोड़ 54 लाख रुपये मूल्य के जेवर सहित 3.6 किलोग्राम सोना बरामद हुआ। साथ ही 11 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। कूरियर कंपनी से गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान अयोध्या के अतुल गौड़, बस्ती के शिवनाथ और राजस्थान के राजेश कुमार के तौर पर हुई है।
चारों तस्करों से पूछताछ में उनके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में डीआरआई को अहम जानकारियां हाथ लगी है। डीआरआई के अफसरों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोग भी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।
पूछताछ में चारों तस्करों ने बताया कि दुबई और म्यांमार से सोना अलग-अलग माध्यमों से कोलकाता लाया जाता है। नेटवर्क में शामिल लोग सोना खरीदते हैं। फिर, देश के अलग-अलग हिस्सों में इच्छुक खरीदारों को सोने की खेप पहुंचाई जाती है। कूरियर कंपनी के माध्यम से एक जगह से दूसरे स्थान तक सोने की खेप पहुंचाने में किसी को शक नहीं होता है। तस्करी का धंधा बगैर किसी रोकटोक के आसानी से चलता रहता है।
डीआरआई ने गत वर्ष सितंबर महीने में देश भर में ऑपरेशन गोल्ड रश अभियान चलाया था। इसके तहत कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के गोदामों में छापा मारकर सोने की तस्करी के अनूठे तरीके का भंडाफोड़ किया गया था। इस दौरान 33.40 करोड़ रुपये मूल्य का 65.46 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था। अब डीआरआई की नजर कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों पर विशेष रूप से रहती है।