जौनपुर के केराकत कोतवाली क्षेत्र के हाशमी मोहल्ला निवासी फखरुद्दीन बुद्धू (50) व उनकी पत्नी सकीना (45) अपने नाती हसनैन (8) और पोती असवा (7) के साथ अपनी बेटी के घर सुरियावां भदोही जा रहे थे।
वे केराकत से ट्रेन से भंडारी स्टेशन पर उतरे और वहां से सिपाह पड़ाव जाने के लिए रेल लाइन के किनारे-किनारे पैदल ही जा रहे थे। पति-पत्नी आगे और बच्चे उनके पीछे थे।
सिपाह रेल ओवरब्रिज के निकट पहुंचे तभी वाराणसी से लखनऊ जाने वाली बालामऊ पैसेंजर ट्रेन आ गई। सामने ट्रेन देख वे घबड़ा गए और बच्चों को बचाने के लिए पलटे।
तभी ट्रेन आ गई और उसकी चपेट में आने से सकीना पटरी पर गिर पड़ी जबकि फखरुद्दीन बीस फीट गहरी खाई में जा गिरे। दोनों की मौके पर मौत हो गई जबकि दोनों बच्चे किनारे पगडंडी पर होने से बच गए।
पुलिस से हादसे की खबर मिलने पर केराकत से घरवाले भी पहुंच गए। पति पत्नी की एक साथ मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृत फखरुद्दीन रिक्शा ट्राली चलाता था।